डेराबस्सी 27 Dec : आपसी सौहार्द और भाईचारे की एक प्रेरणादायक मिसाल उस समय देखने को मिली, जब मुस्लिम वेलफेयर कमेटी (8360) डेराबस्सी की ओर से सिख इतिहास के अमर शहीद छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत की याद में लंगर का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि धर्म से ऊपर इंसानियत और एकता का भाव ही समाज की असली ताकत है।
मुस्लिम वेलफेयर कमेटी की ओर से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए लंगर लगाया गया। लंगर में बड़ी संख्या में राहगीरों, स्थानीय लोगों, सिख संगत सहित विभिन्न धर्मों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन स्थल पर सभी को बिना किसी भेदभाव के भोजन परोसा गया, जिससे सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि छोटे साहिबजादों की कुर्बानी केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश और मानवता के लिए प्रेरणा है। अत्याचार के सामने डटकर खड़े होकर उन्होंने धर्म और न्याय की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इसी भावना को जीवंत रखने के उद्देश्य से मुस्लिम वेलफेयर कमेटी (8360) द्वारा यह लंगर लगाया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डेराबस्सी हमेशा से ही आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं और आने वाली पीढ़ियों को एक-दूसरे के धर्म और परंपराओं का सम्मान करना सिखाते हैं।
स्थानीय लोगों और सिख संगत ने मुस्लिम वेलफेयर कमेटी (8360) के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन देश की एकता और अखंडता को मजबूती प्रदान करते हैं। आयोजन के दौरान कमेटी के सदस्यों और युवाओं ने सेवा भावना के साथ लंगर की सेवा कर मानवता की मिसाल पेश की।