विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद बचाव अभियान लगातार जारी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमों ने एक और श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। सुरंग में जमा मलबे और पानी को हटाने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि अब भी एक श्रमिक की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है और 12 श्रमिक घायल हुए हैं।
देहरादून (Naren Danu) : उत्तराखंड के चमोली जिले में टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के पांच दिन बाद बचाव दल को एक और बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को एक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक अन्य श्रमिक की तलाश अभी भी जारी है।
13 अगस्त को मायापुर क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को सुरंग के भीतर चलाए गए अभियान के दौरान एक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसे तुरंत जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। अब केवल एक श्रमिक की तलाश बाकी है और बचाव दल संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं।
सुरंग के भीतर जमा पानी, कीचड़ और मलबा बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। इसे हटाने के लिए सक्शन पंप और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि राहत दल सुरंग के भीतर और आगे बढ़ सकें।
जिला प्रशासन ने बताया कि बचाव अभियान को तेज करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन घटनास्थल पर उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि इस दर्दनाक हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 घायल श्रमिकों को पहले ही सुरंग से निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। लगातार पांच दिनों से चल रहा यह अभियान पूरे राज्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।