चमरोड पत्तन में पैरासेलिंग की शुरुआत के साथ जेट स्की, एयर बैलून और अन्य गतिविधियां अगस्त के अंतिम सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है। पंजाब में पहली बार 95 और 45 सीटर क्रूज भी शुरू किए जाएंगे, जो रंजीत सागर बांध से मुक्तेश्वर धाम तक पर्यटकों को आठ किलोमीटर की रोमांचक यात्रा कराएंगे। इससे पर्यटन के साथ होटल, रेस्तरां, टैक्सी और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पठानकोट (Naren Danu) : पंजाब में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में पठानकोट का चमरोड पत्तन, जिसे 'मिनी गोवा' के नाम से जाना जाता है, तेजी से एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां पर्यटकों के लिए पैरासेलिंग और वाटर स्पोर्ट्स की शुरुआत कर दी गई है, जबकि रंजीत सागर बांध की झील में पैरासेलिंग के सफल ट्रायल के बाद इसे भी जल्द शुरू करने की तैयारी चल रही है।
पर्यटन गतिविधियों को और आकर्षक बनाने के लिए अगस्त के अंतिम सप्ताह तक जेट स्की, एयर बैलून और अन्य एडवेंचर खेलों की शुरुआत की जाएगी। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
परीक्षित वाटर एडवेंचर के प्रोपराइटर पुनीत पिंटा के अनुसार, मिनी गोवा और रंजीत सागर झील का प्राकृतिक सौंदर्य पहले से ही लोगों को आकर्षित करता रहा है। अब एडवेंचर गतिविधियों के शुरू होने से होटल, रेस्तरां, टैक्सी और अन्य व्यवसायों को भी सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे।
पहली बार चलेंगे दो लग्जरी क्रूज
पंजाब में पहली बार रंजीत सागर बांध से मुक्तेश्वर धाम तक क्रूज सेवा शुरू की जाएगी। करीब आठ किलोमीटर लंबे जलमार्ग पर 95 और 45 यात्रियों की क्षमता वाले दो क्रूज संचालित किए जाएंगे।
क्रूज यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 850 रुपये का किराया निर्धारित किया गया है, जिसमें जीएसटी शामिल होगा। वरिष्ठ नागरिकों को किराए में 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए क्रूज में भोजन और शौचालय की व्यवस्था भी होगी। इसके अलावा प्रत्येक यात्री को 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा।
पहले से उपलब्ध हैं कई एडवेंचर गतिविधियां
मिनी गोवा में पहले से जिप लाइन, एटीवी राइड, निशानेबाजी, गर्म हवा के गुब्बारे की सवारी और घुड़सवारी जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। पर्यटकों के ठहरने के लिए यहां आठ इको हट भी बनाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मिनी गोवा के संचालन का वार्षिक ठेका 70 लाख रुपये और झील क्षेत्र के संचालन का ठेका 40 लाख रुपये तय किया गया है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई सुविधाओं से पठानकोट उत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।