नदियों का जलस्तर सामान्य होने के बावजूद शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट, गोलाघाट और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने 31,951 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अंतरिम राहत जारी की है। अब तक 146.26 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जबकि बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है। राहत और बचाव कार्यों में कई एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं।
गुवाहाटी (Naren Danu) : असम में बाढ़ का पानी भले ही धीरे-धीरे उतर रहा हो, लेकिन हजारों परिवारों के सामने अब भी सामान्य जीवन में लौटने की बड़ी चुनौती बनी हुई है। राज्य के पांच जिलों के 147 गांवों में 31,918 लोग अभी भी बाढ़ के असर से जूझ रहे हैं। इस बीच शिवसागर जिले में एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 17 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की सभी प्रमुख नदियां अब खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। हालांकि, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। सबसे ज्यादा नुकसान शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों में दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के 31,951 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अंतरिम राहत राशि जारी की है। राज्य सरकार अब तक 146.26 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी।
फिलहाल गोलाघाट, शिवसागर, नगांव, बिश्वनाथ और जोरहाट जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। लोगों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने 11 राहत शिविर और चार राहत वितरण केंद्र संचालित कर रखे हैं।
राहत और बचाव कार्य में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए प्रभावित इलाकों में छह मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है।
बाढ़ के कारण राज्य में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और जनजीवन को फिर से सामान्य बनाना है।