लुधियाना/यूटर्न/3 अगस्त। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स ऑर्गेनाइजेशन (सबलो) ने श्री अमरनाथजी यात्रा के पारंपरिक पहलगाम मार्ग को लगातार बंद रखे जाने के फैसले पर गंभीर चिंता जताते हुए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड से इसकी तत्काल समीक्षा करने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसकी प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों और अधिकारियों को भी भेजी गई हैं। सबलो अध्यक्ष राजन गुप्ता ने कहा कि प्रतिकूल मौसम के कारण 19 जुलाई को पहलगाम मार्ग को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन बालटाल मार्ग दोबारा शुरू होने के बावजूद पारंपरिक पहलगाम मार्ग अब तक बंद है। उन्होंने कहा कि भंडारा संगठनों और अन्य हितधारकों से मिल रही जानकारी के अनुसार घोड़ों का संचालन सामान्य है, फंसे श्रद्धालु सुरक्षित लौट चुके हैं, शिविर और दुकानें हटाई जा रही हैं तथा मार्ग का बड़ा हिस्सा वाहनों और मशीनरी के लिए भी उपयोग योग्य है। ऐसे में मार्ग को बंद रखने के निर्णय की पारदर्शी समीक्षा जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पहलगाम मार्ग पर करीब 60 भंडारे संचालित हैं, जो श्रद्धालुओं की कमी के बावजूद प्रतिदिन 50 से 60 हजार रुपये तक का खर्च उठा रहे हैं। इससे सभी भंडारों पर प्रतिदिन लगभग 30 लाख रुपये का सामूहिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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