पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योगों को सहमति प्रक्रिया में लेड मानकों का पालन अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा कि लेड बच्चों के मस्तिष्क विकास और सीखने की क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है, इसलिए सुरक्षित और लेड-मुक्त पेंट के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
चंडीगढ़: पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने घरेलू और सजावटी पेंटों में लेड की मात्रा नियंत्रित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिया है कि उद्योगों को दी जाने वाली सहमति प्रक्रिया में लेड संबंधी अनुपालन की शर्तें अनिवार्य रूप से शामिल की जाएं।
नियमों के अनुसार घरेलू और सजावटी पेंट में लेड की मात्रा 90 पार्ट्स प्रति मिलियन से अधिक नहीं होनी चाहिए। पेंट निर्माताओं को मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं अथवा एजेंसियों से परीक्षण और अनुपालन प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। इन प्रमाणपत्रों की प्रतियां डीलरों और खुदरा विक्रेताओं को भी उपलब्ध करानी होंगी, ताकि नियामक अधिकारी आवश्यकता पड़ने पर सत्यापन कर सकें।
बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा कि लेड के संपर्क में आना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। इसकी कम मात्रा भी बच्चों के मस्तिष्क विकास, सीखने की क्षमता और समग्र स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी लेड को प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता वाले रसायनों में शामिल किया है। नए निर्देशों का उद्देश्य जिम्मेदार विनिर्माण को बढ़ावा देना, निगरानी मजबूत करना और पंजाब में सुरक्षित, लेड मुक्त पेंट का उपयोग सुनिश्चित करना है।