लुधियाना/यूटर्न/30 जुलाई। बरनाला में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज ने गुरुवार 30 जुलाई को पंजाब बंद का आह्वान किया था। समाज ने बाजार, स्कूल, कॉलेज, मॉल और अन्य संस्थानों को बंद रखने की अपील की। हालांकि इस दौरान कई शहरों में इस कॉल का असर नहीं देखने को मिला। जिसके चलते समाज के लोगों द्वारा जबरन ऑफिस बंद करवाए गए। इस विरोध के कारण वीरवार को राज्य में काफी बवाल हुआ। अमृतसर में भंडारी पुल पर तैनात एंटी राइट पुलिस (एआरपी) के जवान रणबीर सिंह की मौत हो गई। वह इमरजेंसी कॉल पर घर जा रहे थे। इसी दौरान भंडारी पुल को प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिया था। पुल पर लगाई रस्सी में उनका गला फंस गया और वह स्कूटी से गिर गए। रस्सी से गला घुटने से उनकी मौत हो गई। वाल्मीकि समाज के लोग रॉड, डंडे लेकर लोगों को आवाजाही करने से रोकते रहे।
पठानकोट में निगम ऑफिस को जड़ा ताला
पठानकोट में सफाईकर्मियों ने निगम दफ्तर पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। यहां रैली निकालकर दुकानों को जबरन बंद करवाया गया। वहीं, जालंधर में बंद का असर नहीं था, लेकिन सफाईकर्मी निगम परिसर में धरना लगाकर प्रदर्शन किया। महिलाकर्मियों ने सीएम के पुतले पर चप्पलें मारीं।
लुधियाना में जबरन बंद करवाए ऑफिस
बता दें कि 30 जुलाई को पंजाब बंद की कॉल का लुधियाना में असर देखने को नहीं मिला। समाज के नेता विजय दानव द्वारा बंद की कॉल का समर्थन करने से इंकार कर दिया गया। वहीं कुछ नेताओं ने विरोध जारी रखा। जिसके चलते समाज के लोग भारी मात्रा में फिरोजगांधी मार्केट व घुमारमंडी पहुंचे। जहां जबरन ऑफिस और शॉप बंद करवाई गई। इस दौरान घुमारमंडी में एक शॉप के शीशे टूट गए। वहीं फिरोजगांधी मार्केट में ऑफिस बंद करवाए, जबकि के-10 टावर में मौजूद कई लोग खुद ही अपने ऑफिस बंद कर भाग निकले।
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