डेराबस्सी तहसील-कम-कोर्ट परिसर में लोहे के एंगल लगाकर बनाए जा रहे अस्थायी चैंबर हटाए गए। नगर परिषद ने सामग्री ट्रॉली में भरकर जब्त की। कार्रवाई के दौरान प्रशासन और अधिवक्ताओं में बहस भी हुई। सीमित जगह, पार्किंग समस्या और नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स में देरी के चलते लंबे समय से जगह की कमी बनी हुई है।
डेराबस्सी: डेराबस्सी के तहसील-कम-कोर्ट परिसर में सरकारी ग्रीन बेल्ट पर अस्थायी चैंबर बनाने की कोशिश शुक्रवार देर रात प्रशासन ने विफल कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस और नगर परिषद की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रुकवाते हुए लोहे के एंगल सहित अन्य सामग्री जब्त कर ली। स्थिति को देखते हुए कुछ समय के लिए तहसील परिसर का मुख्य प्रवेश द्वार भी बंद रखा गया। इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन और कुछ अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रीन एरिया में लोहे के एंगल लगाकर अस्थायी चैंबर तैयार किए जा रहे थे। मौके पर करीब 13 वकीलों के नाम वाले बोर्ड भी लगे मिले। नगर परिषद की टीम ने निर्माण सामग्री हटाकर ट्रॉली में जब्त कर ली। वहीं, कई अधिवक्ताओं ने भी सार्वजनिक भूमि पर इस तरह के निर्माण का विरोध करते हुए प्रशासन का समर्थन किया और ग्रीन एरिया को सुरक्षित रखने की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार, डेराबस्सी में नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण लंबे समय से अधर में है। जवाहरपुर में भूमि उपलब्ध होने के बावजूद परियोजना शुरू नहीं हो सकी है। हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2025 में एसडीएम कार्यालय सहित कई प्रशासनिक कार्यालय यहां से स्थानांतरित कर दिए गए थे, लेकिन मौजूदा कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं और आम लोगों के लिए पर्याप्त स्थान की व्यवस्था नहीं हो पाई। परिसर में अदालतों के अलावा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय भी संचालित होता है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। सीमित पार्किंग और एकमात्र ग्रीन एरिया होने के कारण यहां किसी भी प्रकार का निर्माण आम लोगों की सुविधा प्रभावित कर सकता है।
एसडीएम अमित गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर बिना अनुमति किसी भी तरह का निर्माण या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, कुछ अधिवक्ताओं का कहना है कि नए वकीलों के लिए बैठने और काम करने की जगह नहीं होने के कारण अस्थायी चैंबर बनाने का प्रयास किया गया था। फिलहाल प्रशासन ने निर्माण सामग्री हटाकर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है।