पीएयू परिसर में आयोजित छात्र प्रदर्शन में विद्यार्थियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। छात्रों ने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में कथित पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया और प्रोफेसरों व अधिकारियों से छात्र आंदोलनों का समर्थन करने की मांग रखी। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए और विश्वविद्यालय स्तर की लंबित मांगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाए।
लुधियाना: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) लुधियाना के छात्रों ने बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र होकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई तथा शिक्षा के व्यावसायीकरण के विरोध में रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान देश में बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने तीन प्रस्ताव पारित किए। पहले प्रस्ताव में जेलों में बंद छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग की गई। दूसरे प्रस्ताव में नीट (NEET) पेपर लीक मामले से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई गई। तीसरे प्रस्ताव के माध्यम से दिल्ली में धरने पर बैठे छात्रों की सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की गई।
छात्रों ने हाल ही में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग का भी विरोध जताया। इस अवसर पर छात्र प्रतिनिधि सिमरनजीत सिंह, वंश कंबोज और खुशप्रीत सिंह सहित कई विद्यार्थियों ने अपने विचार रखे। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और अधिकारियों से छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को आ रही विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा की गई और उनके समाधान की मांग उठाई गई।