मानसून सक्रिय होते ही पहाड़ों से पहुंच रहा अधिक पानी, प्रशासन ने बताया स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में; जलस्तर बढ़ने के साथ 540 मेगावाट बिजली उत्पादन और हजारों क्यूसेक पानी की आपूर्ति जारी, जल प्रबंधन पर अधिकारियों की लगातार निगरानी
पठानकोट (Naren Danu) : मानसून की सक्रियता और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर रणजीत सागर बांध परियोजना पर दिखने लगा है। पहाड़ों से पानी की आवक बढ़ने और चमेरा परियोजना से जल प्रवाह में वृद्धि के कारण बांध की झील का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है।
बांध प्रशासन के अनुसार, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। झील का जलस्तर अभी खतरे के निशान से करीब 25 मीटर नीचे है, इसलिए किसी तरह की आपात स्थिति नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि मानसून शुरू होने के बाद चमेरा और सेवा परियोजनाओं से पानी की आवक लगातार बढ़ रही है, जिससे बांध में जल भंडारण में सुधार हुआ है।
यदि आने वाले दिनों में पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो बांध के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रख रहा है।
65 लाख यूनिट प्रतिदिन बिजली उत्पादन
बांध में पानी बढ़ने के साथ बिजली उत्पादन भी जारी है। वर्तमान में चारों बिजली उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से संचालित नहीं की जा रही हैं, बावजूद इसके रोजाना करीब 65 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। बांध से करीब 540 मेगावाट बिजली तैयार की जा रही है और लगभग 21 हजार क्यूसेक पानी शाहपुर कंडी बैराज की ओर छोड़ा जा रहा है।
रणजीत सागर बांध से पानी छोड़े जाने के कारण शाहपुर कंडी बैराज का जलस्तर भी बढ़कर 401.60 मीटर तक पहुंच गया है। बैराज की अधिकतम क्षमता 404.50 मीटर है।
सिंचाई के लिए पानी की मांग घटी
मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण सिंचाई के लिए पानी की मांग में कमी आई है। इसके चलते शाहपुर कंडी बैराज से माधोपुर हेडवर्क्स की ओर फिलहाल 11,600 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
माधोपुर हेडवर्क्स से अपर बारी दोआब नहर में 7,823 क्यूसेक, एमबी लिंक नहर में 3,100 क्यूसेक, कश्मीर नहर में 369 क्यूसेक और इस्लामपुर नहर में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून अभी शुरुआती चरण में है। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा तो बांध का जलस्तर और बढ़ सकता है। फिलहाल बांध सुरक्षित स्थिति में है और जल प्रबंधन से जुड़े अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।