मोहाली में 250 पेड़ काटने पर हाईकोर्ट का कड़ा वार, GMADA की योजना कटघरे में
चंडीगढ़/मोहाली।
मोहाली में सड़क चौड़ीकरण और राउंडअबाउट्स के लिए प्रस्तावित 250 पेड़ों की कटाई को लेकर पंजाब–हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर किसी भी कीमत पर विकास नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने GMADA की योजना की जांच के लिए वकीलों, वन विभाग और GMADA अधिकारियों की एक विशेष कमेटी गठित करने का आदेश दिया है, जो मौके का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी।
कोर्ट की दो टूक टिप्पणी—
“सड़क हादसों में जान बचाना जरूरी है, लेकिन हरियाली खत्म कर विकास स्वीकार्य नहीं।”
याचिका में चौंकाने वाला खुलासा किया गया कि पिछले 22 वर्षों में पंजाब का वन और वृक्ष आवरण 8% से घटकर मात्र 6.59% रह गया है, जो राज्य के पर्यावरणीय भविष्य के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।
अब कमेटी यह तय करेगी—
क्या पेड़ों को बचाकर परियोजना संभव है
क्या कोई वैकल्पिक डिजाइन या मार्ग अपनाया जा सकता है
और विकास व पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए
अदालत के सख्त रुख से संकेत साफ हैं—
अब विकास की हर परियोजना को हरियाली की कसौटी पर परखा जाएगा।