प्रदर्शन के दौरान आप और कांग्रेसी लीडर दिखे एकजुट
लुधियाना/यूटर्न/11 जून। लुधियाना में पिछले दिनों के दौरान होजरी कारोबारी साहिल व प्रदूमन मल्होत्रा पर दर्ज हुए ठगी और कॉपी राइट एजेंट चेतन बवेजा पर दर्ज चोरी के मामले लगातार तूल पकड़ रहे हैं। दो दिन पहले आरोपी पक्ष के समर्थकों ने सीपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया, वहीं एक दिन पहले पीड़ित पक्ष प्रतीक टंडन द्वारा प्रैस कांफ्रेस की गई। इसी तर्ज पर वीरवार को मां बगलामुखी मंदिर के समर्थकों ने सीपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि साहिल, प्रदूमन मल्होत्रा और चेतन बवेजा के हक में सीपी ऑफिस पहुंचे भाजपा पार्षद के पति जतिंदर गोरियान, कुछ महिलाओं समेत कई लोगों ने मां बगलामुखी मंदिर के मुखी महंत प्रवीन चौधरी पर रिश्वत समेत कई तरह के आरोप लगाए। यह सभी आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि ऐसे संतों का नाम बीच में लाकर जानबूझकर मामले को तूल देने की कोशिश की जा रही है। जिससे हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई होना जरुरी है। वहीं देखा जाए तो इस मामले में सामाजिक लोगों के दामन पर भी दाग लगने शुरु हो चुके हैं।
आप व कांग्रेसी दिखे एकजुट
इस प्रदर्शन में आप और कांग्रेस पार्टी के लीडर एकजुट दिखे। प्रदर्शन में आप के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और कांग्रेस से ममता आशु पहुंचे। उनका कहना था कि यह प्रदर्शन मां बगलामुखी मंदिर, हिंदू धर्म और महंत प्रवीन चौधरी के खिलाफ अपशब्द बोलने पर किया जा रहा है। धार्मिक मामलों में कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि सभी एक हैं।
थाने से आरोपी भगाने वालों पर कार्रवाई नहीं
प्रतीक का आरोप है कि जब ठगी के मामले में साहिल और प्रदूमन को दिल्ली से गिरफ्तार कर थाना दरेसी लाया गया था तो उन्होंने एसएचओ से उनकी दस्तावेजों में गिरफ्तारी डालने को कहा था। लेकिन गिरफ्तारी नहीं डाली। चेतन बवेजा और जतिंदर गोरियान द्वारा पहले थाने में जाकर एसएचओ से मीटिंग की थी। फिर दोबारा आए और साहिल व प्रदूमन को लेकर फरार हो गए। जिसके सभी सबूत उनके पास है। हैरानी की बात तो यह है कि इतने दिन बीतने के बावजूद पुलिस द्वारा आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई।
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