Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlinkchambery porn
Panipat: गोदामों, कारखानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य सुरक्षा मानक लागू , उल्लंघना पर होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Mohali: मोहाली में नए स्कूलों के लिए गमाडा की पहल, तीन शैक्षणिक प्लॉट ई-नीलामी पर Chandigarh: चंडीगढ़ में 12 नए वेंडिंग जोन पर शुक्रवार को होगा फैसला, व्यापारियों की आपत्तियों पर होगी चर्चा जीएम को किया सस्पेंड, जांच जारी, कई और लोगों पर भी गिर सकती है गाज पंजाब के बाद हरियाणा में भी कांग्रेस का मुकाबला कांग्रेस से ऐसा भी होता है: बैंक ऑफ बड़ौदा का 5,700 करोड़ का अदालत के बाहर सबसे महंगा समझौता तस्करों का पीछा करते हुए पुलिस की गाड़ी दीवार से टकराई, एसएचओ गंभीर जख्मी Bathinda: बठिंडा हिरासत मौत मामला: इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मियों पर हत्या के आरोप तय Chandigarh: पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों की पदोन्नति का रास्ता साफ, हाई कोर्ट ने हटाई रोक Chandigarh:पंजाब में मतदाता सूची अपडेट अभियान तेज, 11-12 जुलाई को सभी बूथों पर लगेंगे विशेष शिविर: सीईओ अनिंदिता मित्रा Chandigarh: पंजाब में बच्चों के भविष्य की नई नींव, 892 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र तैयार Chandigarh: पंजाब में बच्चों के भविष्य की नई नींव, 892 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र तैयार Fazilka: फाजिल्का में पुलिस का मुंशी हेरोइन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार, चौकी इंचार्ज भी निलंबित
Logo
Uturn Time
पानीपत में गोदामों और औद्योगिक इकाइयों के लिए नए सुरक्षा निर्देश जारी
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले के सभी कारखानों, भंडारण इकाइयों, गोदामों, और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए विस्तृत सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी करते हुए उनके तत्काल प्रभाव से पालन के आदेश दिए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी कारखाने, गोदाम, भंडारण इकाई या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में कर्मचारियों या ठेका श्रमिकों के 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कार्यस्थल या उसके आसपास रहने की अनुमति नहीं होगी। महिला कर्मचारियों को नियुक्ति के समय लिखित रूप से इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा। ठेकेदारों और श्रमिक आपूर्तिकर्ताओं को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी श्रमिक अपने बच्चों को कार्यस्थल पर लेकर न आए। आदेशों के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों में 30 या उससे अधिक महिला कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां श्रम कानूनों के अनुरूप शिशु देखभाल केंद्र की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने गोदामों और भंडारण इकाइयों में सामान रखने के लिए भी सख्त मानक तय किए हैं। कपड़ा, वस्त्र और अन्य भारी सामग्री को सुरक्षित, संतुलित और निर्धारित ऊंचाई तक ही रखा जाएगा। अस्थिर, झुके हुए या अधिक ऊंचाई तक लगाए गए ढेरों को तुरंत हटाकर दोबारा सुरक्षित तरीके से लगाया जाएगा। सामान की ढुलाई और ढेर लगाने का कार्य केवल प्रशिक्षित या अनुभवी व्यक्ति की निगरानी में होगा तथा आवागमन के रास्ते हर समय खुले रखे जाएंगे। सभी औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, उचित वेंटिलेशन, अग्निशमन उपकरण, प्राथमिक उपचार पेटी तथा हिंदी भाषा में सुरक्षा संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाना भी अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कारखानों, गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास वैध लाइसेंस या पंजीकरण होना जरूरी है। बिना वैध पंजीकरण या लाइसेंस के संचालन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। किराये पर संचालित औद्योगिक या व्यावसायिक इकाइयों को भी सभी आवश्यक अनुमति और लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही संचालन की अनुमति होगी। यदि भवन स्वामी सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए परिसर किराये पर देता है तो किसी दुर्घटना की स्थिति में उसकी भी संयुक्त जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिला प्रशासन ने श्रम विभाग के अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बरसत रोड की यह घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। दो मासूम बच्चियों की जान जाना पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। किसी भी कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जारी दिशा-निर्देशों का तत्काल और पूर्ण पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोकना और प्रत्येक कार्यस्थल को सुरक्षित बनाना है।