Uturn Time
Breaking
Ludhiana: कार्यकर्ताओं में जोश भरते नितिन नबीन, 117 सीटों पर तैयारी का संदेश Bhopal: मध्य प्रदेश में फिशरीज सेक्टर में भारी निवेश, 9000 करोड़ रुपये की योजना New Delhi: राज्यसभा में नीरज डांगी का शपथ ग्रहण, सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने दिलाई शपथ New Delhi: CBI का बड़ा एक्शन, रिलायंस ADA ग्रुप से जुड़े मामलों में दो पूर्व CEOs गिरफ्तार New Delhi: BRICS बैठक से पहले डोभाल ने ईरान और इथियोपिया के नेताओं से की चर्चा New Delhi: लखनऊ हादसे पर पीएम मोदी की संवेदना, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की सहायता Lucknow: लखनऊ हादसे पर सीएम योगी का बड़ा फैसला, सभी तय कार्यक्रम किए निरस्त Lucknow: कोचिंग सेंटर में आग से कोहराम, लखनऊ में कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ Jagraon: बीजेपी का माइक्रो मैनेजमेंट प्लान, नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का सूत्र Kurukshetra: भारतीय योग संस्थान हरियाणा के संगठन मंत्री गुलशन कुमार ग्रोवर को माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा ने  किया सम्मानित  Ayodhya: श्रद्धा की नगरी में दान पर विवाद, पारदर्शिता पर खड़ा हुआ बड़ा प्रश्न Kurukshetra: शिवम कंप्यूटर्स राजस्थान ने जीता ड्रीम टेनिस क्रिकेट लीग का खिताब, 21 लाख की इनामी राशि पर किया कब्जा
Logo
Uturn Time
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम, कोलकाता में तीन युद्धपोत नौसेना को सौंपे गए
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के लिए तीन स्वदेशी युद्धपोतों—आईएनएस अग्रय, आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस संशोधक—को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर नौसेना प्रमुख सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने रिबन काटकर तीनों जहाजों को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया। समारोह में पारंपरिक नौसैनिक परंपराओं के तहत बिगुल ध्वनि के साथ राष्ट्रीय ध्वज और नौसेना ध्वज फहराया गया। प्रधानमंत्री ने जहाजों के निर्माण से जुड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी देश की समुद्री शक्ति उसके विकास, सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव का आधार होती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में वैश्विक व्यापार, डेटा नेटवर्क और ऊर्जा संसाधनों का बड़ा हिस्सा समुद्र से जुड़ा हुआ है, जिससे समुद्री क्षमता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक प्रमुख रक्षा निर्माता के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में 40 से अधिक स्वदेशी युद्धपोत और पनडुब्बियां नौसेना में शामिल की जा चुकी हैं। उन्होंने रक्षा उत्पादन और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का रक्षा उत्पादन 2014 में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि रक्षा निर्यात भी 700 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 40 हजार करोड़ रुपये हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ‘ब्लू इकोनॉमी’ और समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत और एमआरओ सेक्टर को राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले समय में समुद्री विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। नौसेना द्वारा डिजाइन किए गए और कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में निर्मित इन तीनों जहाजों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसमें 200 से अधिक एमएसएमई की भागीदारी रही है। आईएनएस दूनागिरी एक आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, आईएनएस अग्रय एंटी-सबमरीन वारफेयर पोत है, जबकि आईएनएस संशोधक उन्नत हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण पोत के रूप में समुद्री अनुसंधान और मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।