पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश की करीब 2.14 करोड़ मतदाता सूची का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का फॉर्म भरवाएंगे और सूची को अपडेट करेंगे। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि मृत, फर्जी या दोहराए गए नाम हटाए जाएंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार, 31 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। 28 सितंबर तक आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा और 30 सितंबर को अंतिम वोटर लिस्ट तैयार होगी। 1 अक्टूबर को फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी।
इस बीच कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी और हर बूथ पर अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात करेगी, ताकि किसी भी योग्य वोटर का नाम न छूटे और कोई गड़बड़ी न हो।
SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है, जिसमें घर-घर जाकर मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। इसमें 18 साल से अधिक उम्र के नए मतदाता जोड़े जाते हैं और गलत या डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं।
SIR का उद्देश्य
इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक बनाना है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न रहे। इसमें माइग्रेशन, मृत्यु, दोहरी एंट्री और अन्य त्रुटियों को सुधारा जाता है।
कौन करेगा सत्यापन?
इस प्रक्रिया को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) मिलकर पूरा करेंगे।
जरूरी दस्तावेज
इस दौरान आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट, सरकारी पहचान पत्र, जाति प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर और अन्य दस्तावेज मान्य होंगे।
चुनाव आयोग की यह पहल मतदाता सूची को पारदर्शी और अपडेटेड बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।