'देर शाम तक चली कार्रवाई के बाद किया अरेस्ट , फर्जी कंपनियों और करोड़ों के लेनदेन आरोपों के तहत की जाँच
मान और केजरीवाल का मोदी सरकार पर तीखा हमला"
मान और केजरीवाल का मोदी सरकार पर तीखा हमला"
चंडीगढ़ (अजीत झा): पंजाब सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजीव अरोड़ा को शनिवार देर शाम प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) ने गिरफ्तार कर लिया। सुबह से ही चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास पर ईडी की रेड चल रही थी। लगभग 20 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची एजेंसी की टीम ने कई घंटों तक दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की जांच की।
गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। आम आदमी पार्टी ने इसे केंद्र सरकार की “राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई” बताया है, जबकि विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जोड़कर सरकार को घेर रहा है।
क्या हैं आरोप ?
सूत्रों के अनुसार ईडी को संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि करीब 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री, शेल कंपनियों के जरिए फर्जी निर्यात और विदेशी संस्थाओं के माध्यम से धन के कथित “राउंड-ट्रिपिंग” का मामला सामने आया है।
ईडी को शक है कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम ( फेमा) के नियमों का उल्लंघन करते हुए विदेशों के जरिए पैसों का लेनदेन किया गया। जांच के दौरान कई बैंक खाते अटैच किए गए हैं, जबकि कुछ डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स भी फ्रीज कर दी गई हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में यह दूसरी और एक साल में तीसरी और तीन साल में चौथी बार है जब ईडी ने संजीव अरोड़ा से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई की है। इससे पहले उनके लुधियाना स्थित ठिकानों पर भी छापेमारी हुई थी।
“पंजाब मोदी के आगे नहीं झुकेगा” — भगवंत मान
ईडी की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मानने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“आज फिर बीजेपी की ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है। एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला। मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की धरती है। औरंगजेब भी इसे झुका नहीं पाया था। पंजाब मोदी की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा।”
संगरूर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भगवंत मान ने कहा कि भाजपा चुनाव आते ही ईडी की रेड, धमकियों और राजनीतिक दबाव जैसे हथकंडों का इस्तेमाल करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब के भाईचारे को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन राज्य के लोग इसका करारा जवाब देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती पर नफरत की राजनीति कभी सफल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सत्ता पंजाब के साथ लगातार अन्याय कर रही है और जनता इसका जवाब देगी।
केजरीवाल का बड़ा हमला: “मोदी ने अब पूरे पंजाब को ललकारा”
वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही पंजाब में लगातार ईडी की रेड शुरू कर दी गईं।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और तोड़ने के लिए कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में अशोक मित्तल के यहां ईडी की रेड हुई और अगले ही दिन उन्हें भाजपा में शामिल करवा लिया गया।
उन्होंने कहा अगर कोई बीजेपी में शामिल नहीं होता तो उसके यहां बार-बार रेड करवाई जाती है। पंजाब गुरुओं की धरती है। जैसे गुरुओं ने औरंगजेब के अत्याचार का सामना किया था, वैसे ही पंजाब मोदी सरकार के दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पहले पंजाब के किसानों को चुनौती दे चुकी है और अब पूरे पंजाब को ललकारने की कोशिश कर रही है।
दो दिन पहले मोहाली और चंडीगढ़ में भी हुई थी कार्रवाई
ईडी ने वीरवार को मोहाली और चंडीगढ़ में करीब 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। मोहाली के छज्जू माजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में एक आईटी कारोबारी के फ्लैट पर भी रेड हुई थी। सूत्रों के अनुसार उस कारोबारी को मुख्यमंत्री कार्यालय से करीबी तौर पर जोड़ा जा रहा था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
इन कार्रवाइयों के बाद भी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कहा था कि उनकी सरकार का इन मामलों से कोई लेना-देना नहीं है और केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
पंजाब की राजनीति में बढ़ेगा सियासी तापमान
संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल बनने लगा है। अरोड़ा को आम आदमी पार्टी का बड़ा शहरी चेहरा माना जाता है और उद्योग तथा कारोबारी वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला पंजाब की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है। एक ओर भाजपा भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठा रही है, वहीं आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताकर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।