"गिरवी रखे गहनों से हेरफेर, मैनेजर गिरफ्तार"
पानीपत: पानीपत में पुलिस ने गोल्ड लोन के बदले गिरवी रखे गए गहनों में हेरफेर कर धोखाधड़ी करने के मामले में एक बैंक ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि थाना शहर में शिमला मौलाना गांव निवासी सुनील ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने 19 तोले सोना मई 2024 में पानीपत स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखकर लोन लिया था। 19 जुलाई 2025 को उसने दोस्त संदीप के साथ मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच में जाकर लोन के सारे पैसे जमा करा दिए। इसके बाद ब्रांच कर्मियों ने पॉलिथिन में पैक गहने उसको दे दिए। पैकेट को खोलकर देखा तो उसे सोने के कड़े का वजन ज्यादा लगा। तभी उसने ब्रांच कर्मियों को बताया यह कड़ा उसका नहीं है, उसके कड़े का वजन इससे कम था।
मौजूद कर्मियों ने उससे कहा 100-150 मिलीग्राम का कोई फर्क नहीं होता और उसको सुनार के पास जाकर तसल्ली करने की बात कही। वह इंसार बाजार में अपने पारिवारिक सुनार की दुकान पर गया। कारिगर ने जांच की तो कड़ा पीतल का मिला। उस पर सोने का पानी चढा था। थाना शहर में सुनील की शिकायत पर बीएनएस की धारा 316, 318, के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने बीती शाम आरोपी राजेसाब महबूल यलगार को सिवाह बस अड्डा के पास से गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने ब्रांच के एक अन्य कर्मी के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपी राजेसाब महबूब यलगार को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
निष्कर्ष: अब यह मामला पूरी तरह अदालत के दायरे में पहुंच चुका है, जहां सुनवाई के दौरान तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।