"नमक की अधिकता से स्वास्थ्य पर पड़ता है असर: डॉ. अनेजा"
कुरुक्षेत्र (परमिंदर सिंह): सीनियर फिजिशियन एवं डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. अनेजा का कहना है कि नमक हमारे भोजन का जरूरी हिस्सा है और यह स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है। लेकिन जब नमक का सेवन जरूरत से ज्यादा हो जाता है, तो यह धीरे-धीरे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
आजकल की लाइफस्टाइल में प्रोसेस्ड फूड, पैकेट स्नैक्स, फास्ट फूड और बाहर का खाना ज्यादा खाने से नमक का सेवन अनजाने में बढ़ जाता है। कई लोगों को यह पता भी नहीं चलता कि वे प्रतिदिन सुरक्षित मात्रा से अधिक नमक ले रहे हैं। अधिक नमक (सोडियम) का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है, जो हमारे शरीर में उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी खराब होने का मुख्य कारण बन सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, प्रतिदिन 5 ग्राम (एक छोटी चम्मच) से अधिक नमक नहीं खाना चाहिए। ज्यादा नमक से सेवन से प्यास, सूजन, सिरदर्द और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। अधिक नमक के हानिकारक प्रभाव में है जैसे कि उच्च रक्तचाप (High BP), नमक शरीर में पानी जमा करता है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। अधिक नमक का सेवन हृदय रोग और स्ट्रोक का कारण बन सकता है, लगातार अधिक नमक खाने से दिल की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।
ज्यादा नमक के सेवन से किडनी को शरीर से अतिरिक्त सोडियम निकालने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे किडनी फेलियर की समस्या हो सकती है और कैल्शियम की कमी का कारण भी बन सकता है जिससे कि यह हमारे शरीर की हड्डियों की ताकत को कम कर सकता है। अधिक नमक के तुरंत प्रभाव में पेट फूलना और बहुत ज्यादा प्यास लगना शामिल है। अंत में डॉ. अनेजा ने बताया कि पैकेटबंद भोजन, फास्ट फूड और अचार में छिपा हुआ नमक बहुत ज्यादा होता है, इसलिए इनका सेवन कम करें और प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करें।
धीरे-धीरे मात्रा कम करें, अचानक नमक कम करने से स्वाद फीका लग सकता है और पैकेट फूड कम करें, लेबल पढ़ें और कम सोडियम वाले उत्पाद चुनें।बच्चों को भी ज्यादा नमक देने से भविष्य में हाई BP का जोखिम बढ़ सकता है, बच्चों को कम नमक और प्राकृतिक भोजन देना बेहतर है।