"डीसी का ऐलान, मुफ्त टीकाकरण से मिलेगा पशुओं को सुरक्षा कवच"
पानीपत (निर्मल सिंह): हरियाणा सरकार द्वारा पशुधन को खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 11 मई से 11 जून तक पूरे जिले में खुरपका -मुंहपका एवं गलघोटू संयुक्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिले में 30 टीमें 2 लाख 13 हजार के लक्ष्य को हासिल करेंगी।
इस अभियान के तहत 4 महीने से अधिक आयु के सभी गौवंश और भैंसों का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुपालकों के घरों तक यह सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने इस अभियान को पशुपालकों और किसानों के हित में बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पशुओं का स्वस्थ रहना किसान की आर्थिक मजबूती से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि खुरपका-मुंहपका और गलघोटू जैसी बीमारियां पशुओं में तेजी से फैलती हैं, जिससे दूध उत्पादन कम होता है, पशु कमजोर हो जाते हैं और कई बार पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि समय रहते रोकथाम सुनिश्चित करना है। यही कारण है कि सरकार द्वारा यह विशेष टीकाकरण अभियान पूरी तरह निःशुल्क चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पशुओं का नियमित टीकाकरण न केवल उनकी जान बचाता है, बल्कि किसानों की आय और डेयरी व्यवसाय को भी सुरक्षित बनाता है।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने पशुपालकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे टीकाकरण टीमों का पूरा सहयोग करें और अपने सभी पात्र पशुओं को अनिवार्य रूप से टीका लगवाएं।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पशुओं के कान में टैग होना जरूरी है और टीकाकरण प्रक्रिया के दौरान पशु मालिक को OTP सत्यापन भी करना होगा। इसलिए पशुपालक अपना मोबाइल नंबर सक्रिय रखें और टीम को सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आधुनिक पशुपालन, बेहतर नस्ल, स्वास्थ्य सेवाएं और समय पर टीकाकरण जैसी योजनाएं ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रही हैं। यदि पशु स्वस्थ रहेंगे तो दूध उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आमदनी मजबूत होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पशुपालक टीकाकरण को गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक पशुपालक का यह दायित्व है कि वह अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए आगे आए और सरकार की इस जनहितकारी योजना का लाभ उठाए।
पशु पालन विभाग के एसडीओ श्री भगवान ने बताया कि आज के समय में खेती के साथ पशुपालन किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। ऐसे में पशुओं का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाया जा रहा यह टीकाकरण अभियान किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है।
उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका और गलघोटू जैसी बीमारियां पशुओं की उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। समय पर लगाया गया टीका पशुओं को इन बीमारियों से बचाने में प्रभावी भूमिका निभाता है।
एसडीओ श्री भगवान ने किसानों और पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे जागरूक बनें और अपने आसपास के अन्य पशुपालकों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। सरकार की यह योजना केवल एक अभियान नहीं बल्कि पशुधन संरक्षण और किसान समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम है।
उपायुक्त डॉ विरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि “स्वस्थ पशु ही समृद्ध किसान की पहचान हैं। सभी पशुपालक आगे आएं, अपने पशुओं का टीकाकरण करवाएं और हरियाणा को पशुधन संरक्षण में अग्रणी राज्य बनाने में सहयोग करें।”