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नई दिल्ली: राजकीय सर्वोदय विद्यालय में रेखा गुप्ता का औचक निरीक्षण Kanpur: हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद गोविंद नगर के ब्लॉक-8 पार्क में मूर्ति स्थापना के साथ जारी अवैध कब्जे New Delhi: रामनगर वार्ड में उपमहापौर का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश Gurugram: गुरुग्राम विश्वविद्यालय ने खोले UG एडमिशन पोर्टल, ऑनलाइन आवेदन शुरू Dehradun: देवभूमि में महिला सुरक्षा मुद्दे पर UKD का आंदोलन तेज Ajmer: एमडीएस यूनिवर्सिटी और AU बैंक का समझौता, परीक्षा शुल्क ऑनलाइन Chandigarh: हरियाणा के राज्यपाल से मिले 2025 बैच के आईएएस प्रोबेशन Chandigarh: हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य निर्वाचन आयुक्त Chandigarh: तमिलनाडु की सियासत में हलचल, विजय ने किया सरकार बनाने का दावा Ludhiana: पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही प्रवासियों का पलायन, पंजाब के लिए बन सकती है बड़ी चुनौती New Delhi: प्रशासन का सख्त कदम, घाटों पर बने 310 घरों को खाली करने का आदेश Ludhiana: गवर्नर को लिखे पत्र की यूनिवर्सिटी में जांच शुरू
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"कानपुर में नियमों की अनदेखी, ब्लॉक-8 पार्क में अवैध कब्जा बरकरार"
कानपुर: गोविन्द नगर स्थित ब्लॉक-8 के सार्वजनिक पार्क पर कथित अवैध कब्जों और निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश वीर आर्य ने जिलाधिकारी कानपुर को शिकायती पत्र देकर हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पार्क में हो रहे नए निर्माण एवं मूर्ति स्थापना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते पार्क के लगभग 70% हिस्से पर कब्जा हो चुका है तथा वहां अवैध निर्माण एवं धार्मिक संरचनाएं खड़ी कर दी गई हैं। कई बार IGRS पर शिकायतें किए जाने के बावजूद नगर निगम द्वारा “पुराना निर्माण” बताकर फर्जी निस्तारण किया जाता रहा। प्रकाश वीर आर्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 22 अप्रैल 2026 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय ने स्वयं पार्क भूमि पर हुए निर्माण पर गंभीर टिप्पणी की थी तथा समस्त अतिक्रमण हटाकर पार्क को मूल स्वरूप में बहाल करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद वर्तमान में फिर से निर्माण और मूर्ति स्थापना कर कब्जा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जो न्यायालय की अवमानना है। ज्ञापन में मांग की गई है कि पार्क से सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं, नगर निगम द्वारा कराई गई इंटरलॉकिंग हटाकर पार्क को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए तथा दोषी अधिकारियों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।