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"एमडीएस विश्वविद्यालय ने डिजिटल फीस सिस्टम लागू करने को बैंक से किया समझौता"
अजमेर: राजस्थान के अजमेर स्थित महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU) ने परीक्षा शुल्क प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत विश्वविद्यालय ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया है। MoU से क्या होगा फायदा? छात्रों को अब ऑनलाइन माध्यम से आसानी से परीक्षा शुल्क जमा करने की सुविधा मिलेगी. लंबी कतारों और मैन्युअल प्रक्रिया से राहत मिलेगी. भुगतान प्रक्रिया होगी तेज, सुरक्षित और पारदर्शी. समझौते के अंतर्गत एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक विश्वविद्यालय को यूपीआई , नेट बैंकिंग, वॉलेट, आरटीजीएस, एनईएफटी सहित विभिन्न डिजिटल भुगतान सेवाएं उपलब्ध कराएगा, जिससे परीक्षा शुल्क जमा प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी एवं सुगम बन सकेगी। समझौते के अनुसार बैंक द्वारा आरबीआई के दिशा-निर्देशों एवं पीसीआई-डीएसएस मानकों के अनुरूप सुरक्षित भुगतान सेवाएं प्रदान की जाएंगी। साथ ही विश्वविद्यालय को ट्रांजेक्शन रिपोर्टिंग, रीकंसिलिएशन सपोर्ट, एपीआई इंटीग्रेशन, डैशबोर्ड एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वित्तीय प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी। यह व्यवस्था विश्वविद्यालय के अधीन अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं संबद्ध महाविद्यालयों के लिए डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाएगी। समझौते पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से शाखा प्रमुख मयंक माथुर तथा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर की ओर से कुलसचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता आगामी तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा तथा विश्वविद्यालय की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। कुलसचिव ने बताया कि यह पहल आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना को अपनाने तथा विद्यार्थियों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी एवं दक्ष सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस नई प्रणाली से मैनुअल प्रक्रियाओं में कमी आएगी, शुल्क जमा प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर डिजिटल अनुभव प्राप्त होगा। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक नेहा शर्मा, सहायक कुलसचिव सामान्य प्रशासन डॉ सूरज मल राव सहित बैंक के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।