"बाढ़ संभावित इलाकों में त्वरित और समयपूर्व व्यवस्था के निर्देश"
पानीपत (निर्मल सिंह): प्रदेश में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को समय रहते पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में बुधवार को हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डी.के. बहरा (आईएएस) ने प्रदेश के उपायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यापक समीक्षा बैठक की।
बैठक में संभावित बाढ़ से निपटने की रणनीति, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर गहन चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
बैठक के बाद एसडीएम मनदीप सिंह ने स्थानीय अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि आपदा के समय लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी।
एसडीएम ने सिंचाई विभाग को नहरों, ड्रेनों और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस विभाग को कानून व्यवस्था बनाए रखने और राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग के लिए तैयार रहने को कहा गया। पीडब्ल्यूडी विभाग को सडक़ों और पुलों की जांच कर वैकल्पिक मार्गों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयों, चिकित्सा सुविधाओं और मेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा, टीकाकरण और सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। दमकल विभाग को भी हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।
एसडीएम ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों की समीक्षा की, जहां हर वर्ष बाढ़ के दौरान हालात गंभीर हो जाते हैं। उन्होंने संवेदनशील और जलभराव वाले इलाकों की सूची तैयार कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस अभ्यास के जरिए विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और आपसी समन्वय की जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक आपदा के समय प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने जनजागरूकता पर भी जोर दिया है। गांव-गांव में अभियान चलाकर लोगों को बाढ़ के दौरान सतर्क रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
एसडीएम समालखा अमित कुमार ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए समय पर तैयारी, संसाधनों की उपलब्धता और विभागों के बीच बेहतर तालमेल ही सबसे बड़ा हथियार है। इसी उद्देश्य से सभी विभागों को पहले से ही पूरी तरह अलर्ट रहना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। इस मौके पर डीआरओ कलब लाकड़ा,डीएसपी सुरेश सैनी, सीएमओ विजय मलिक, डिप्टी सीएमओ डॉ वर्मा, एसडीओ पशु पालन विभाग डॉ श्री भगवान, डीएफएससी दिव्या के अलावा कई अन्य विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।