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लुधियाना के हलका साहनेवाल के तहत गांव बूंट में अवैध माइनिंग के खिलाफ बुधवार को भारी संख्या में ग्रामीण और 11 पंचायतों के सरपंच डीसी दफ्तर पहुंचे और दरिया में 100-100 फीट तक गहरी खुदाई और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने डीसी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि एक निजी कंपनी द्वारा प्रतिबंधित पोकलेन मशीनों से दिन-रात दरिया में खुदाई की जा रही है, जबकि सरकार द्वारा इन मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगी हुई है, बावजूद इसके काम जारी है जिससे दरिया के बांध को भारी नुकसान पहुंच रहा है। सरपंचों का कहना है कि ससरेली कॉलोनी के पास 500 मीटर के दायरे में हो रही खुदाई के कारण आने वाले मानसून में पूरे इलाके के जलमग्न होने का खतरा पैदा हो गया है, जबकि पिछली बार भी इसी क्षेत्र में बांध टूटने से जान-माल का नुकसान हुआ था। इस विरोध प्रदर्शन में चूहड़वाल, सुजातवाल, मांगट, सत्तोवाल, ढेरी, साधू सिंह नगर, सीड़ा, बाजड़ा, अनेजा कॉलोनी, मेहरबान और वरीरा गांवों के सरपंच शामिल रहे, जिन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारियों ने मौके पर उनकी बात तक नहीं सुनी। ग्रामीणों ने प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि अवैध माइनिंग बंद नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो सभी गांव मिलकर जिला प्रशासन के खिलाफ पक्का धरना शुरू करेंगे।