Uturn Time
Breaking
सुबह-सुबह 8 से 10 गाड़ियों में पहुंची सेंट्रल जीएसटी की टीमें, सुधीर फोर्जिंग में दस्तावेजों की जांच शुरू Chandigarh: हरियाणा में आयुष सेवाओं को मिलेगा विस्तार, हिसार आयुष अस्पताल अगस्त 2026 तक होगा शुरू Shimla: हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 5,600 से अधिक पदों पर होगी भर्ती; आशा वर्करों और शिक्षकों को भी राहत Chandigarh: हरियाणा में लर्निंग लाइसेंस के नियम बदले, अब पहले सीखनी होगी सेफ ड्राइविंग और फर्स्ट एड New Delhi: दिल्ली प्रदर्शन में 65 लोग घायल, आरएमएल अस्पताल में भर्ती; पुलिसकर्मी भी शामिल New Delhi: भारत और बेनिन मिलकर मजबूत करेंगे चुनाव प्रबंधन व्यवस्था, निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण पर बनी सहमति New Delhi: राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ New Delhi: राष्ट्रपति मुर्मु की मोल्दोवा यात्रा: कृषि, एआई और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति Kolkata: दिल्ली छात्र आंदोलन पर ममता का केंद्र पर हमला, बोलीं- लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद होना चाहिए Chandigarh: 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे अमृतपाल सिंह, 'वारिस पंजाब दे' ने सीएम चेहरा घोषित किया Mohali: एयरोट्रोपोलिस विस्तार के लिए 3,523 एकड़ भूमि अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी, किसानों को मिलेंगे 23,457 करोड़ रुपये Chandigarh: बेअदबी केस में एसआईटी के सामने पेश हुए सुखबीर बादल, बोले- जांच में करूंगा पूरा सहयोग
Logo
Uturn Time
"ग्रीन कॉरिडोर से उम्मीदों की दौड़, तीन शहरों को मिला जीवनदान"
पंचकूला: आज पंचकूला में मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब जिला पुलिस ने एक ब्रेन डेड मरीज द्वारा दान किए गए अंगों को गंतव्य तक पहुँचाने के लिए एक साथ तीन अलग-अलग रूटों पर 'ग्रीन कॉरिडोर' स्थापित किया। कमांड अस्पताल (चंडीमंदिर) में अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया के बाद, अंगों को बेहद कम समय में चंडीगढ़, मोहाली और टेक्निकल एयरपोर्ट चंडीगढ़ तक पहुँचाया गया। समय की महत्ता को देखते हुए पंचकूला ट्रैफिक पुलिस ने एसएचओ वरिंदर कुमार के नेतृत्व में अपनी तत्परता दिखाई और सुनिश्चित किया कि एम्बुलेंस बिना किसी बाधा के ट्रैफिक को पार कर सकें। इस सफल ऑपरेशन के तहत पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, अपोलो अस्पताल दिल्ली (मोहाली एयरपोर्ट के रास्ते) और सेना के हवाई अड्डे के लिए अंगों की सुरक्षित रवानगी की गई। पुलिस विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस मिशन की शुरुआत दोपहर 2:30 बजे हुई जब अपोलो अस्पताल की टीम को हवाई अड्डे से कमांड अस्पताल पहुँचाया गया। इसके पश्चात शाम 5 बजे से 8 बजे के बीच सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने पीसीआर-9 के माध्यम से कमांड अस्पताल से मोहाली एयरपोर्ट (जीरकपुर बॉर्डर के रास्ते), पीसीआर-8 के माध्यम से टेक्निकल एयरपोर्ट चंडीगढ़ और पीसीआर-3 के माध्यम से हाउसिंग बोर्ड चौक होते हुए पीजीआई चंडीगढ़ तक निर्बाध रास्ता प्रदान किया। इस दौरान सैकड़ों वाहनों को रोककर एम्बुलेंस के लिए 'ग्रीन सिग्नल' रखा गया, जिससे अंगों की 'इस्केमिक टाइम' (अंगों की कार्यक्षमता की अवधि) के भीतर पहुँचाना संभव हो सका। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता : अंग दान एक महादान है और इसमें समय की एक-एक सेकंड की कीमत होती है। आज पंचकूला ट्रैफिक पुलिस के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक कार्य था कि हमें एक साथ तीन अलग-अलग दिशाओं में ग्रीन कॉरिडोर का प्रबंधन करना था। कमांड अस्पताल से मोहाली एयरपोर्ट, टेक्निकल एयरपोर्ट चंडीगढ़ और पीजीआई चंडीगढ़ तक एम्बुलेंस को बिना किसी रुकावट के पहुँचाने के लिए हमारे जवानों ने जी-जान लगा दी। हमारा उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जीवन बचाने की इस जंग में एक सेतु की भूमिका निभाना भी है। हम अंग दाता के परिवार के साहस को नमन करते हैं और गर्व महसूस करते हैं कि पंचकूला पुलिस इस नेक कार्य में अपनी भूमिका समयबद्ध तरीके से निभा सकी।