Uturn Time
Breaking
शादी में पहली पत्नी पहुंचने पर दूल्हा दीवार फांदकर भागा, डोली की तैयारी चल रही थी ज़ेप्टो आईपीओ और भारत का रिटेल युद्ध:सेबी ने 11,000 करोड़ के प्रस्तावित आईपीओ के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में सुना आईएसएचआरएई लुधियाना सब-चैप्टर की नई टीम का गठन, इंजीनियरिंग क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा लुधियाना में विशेष बाल चिकित्सा शिविर, 150 बच्चों की जांच से जागी उम्मीद नशा मुक्त भारत अभियान को ASP का समर्थन, देशभर में शराब दुकानों पर प्रतिबंध की मांग डीएम रंधावा सुसाइड केस की जांच से परिवार नाखुश, अब हाईकोर्ट का करेंगे रूख; कहा-पुलिस जांच पर भरोसा नहीं शंघाई में ‘चाइना साइकिल शो 2026’ में भाग लेने जाएगा फिको का 56 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत गंभीर हालत में जन्मी नवजात बच्ची के स्वस्थ होने से डॉक्टरों की चिंता उम्मीद में बदली गैंगस्टरों ते वार का 95वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 577 स्थानों पर छापेमारी; 309 गिरफ्तार छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है एआईएफ योजना : मोहिंदर भगत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डिप्टी कमिश्नरों को समय सीमा से पहले बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे करने के निर्देश दिए; कहा—सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 24 मार्च : देशभर में बढ़ते तापमान और वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, देश की अधिकतम बिजली मांग *दो लाख चालीस हजार मेगावाट* से अधिक जा सकती है, जो पिछले वर्ष के उच्च स्तर से भी ज्यादा है। पंजाब में भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने के साथ-साथ कृषि कार्यों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा भीषण गर्मी के कारण घरेलू उपयोग—जैसे कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर—की मांग में भी भारी इजाफा हुआ है। स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को पूरी क्षमता पर चलाने के निर्देश दिए हैं। देश के कुल बिजली उत्पादन में कोयले की हिस्सेदारी लगभग *सत्तर प्रतिशत* है, जिससे इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। पंजाब सरकार और बिजली विभाग ने भी आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोयले की उपलब्धता, बिजली खरीद समझौते और ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो पीक समय में दबाव बढ़ सकता है। हालांकि समय रहते उठाए गए कदम संभावित बिजली संकट को टालने में मददगार साबित हो सकते हैं।