लुधियाना 23 March : शहर में एलपीजी (LPG) की कमी का असर अब उद्योगों पर साफ दिखाई देने लगा है। हीट ट्रीटमेंट, फोर्जिंग, साइकिल पार्ट्स और होज़री से जुड़ी इकाइयाँ, जो स्वच्छ ईंधन के रूप में एलपीजी पर निर्भर हैं, पिछले पांच दिनों से या तो बंद पड़ी हैं या सीमित क्षमता पर काम कर रही हैं। इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है और उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है।
एलपीजी की अनुपलब्धता के कारण औद्योगिक कैंटीनों में भी भोजन बनाना मुश्किल हो गया है, जिससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गनाइजेशन (फिको) ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार के सामने कई सुझाव रखे हैं। फिको ने 422 किलोग्राम वाले औद्योगिक एलपीजी सिलेंडरों की सीमित सप्लाई बहाल करने की मांग की है, ताकि उत्पादन कार्य प्रभावित न हो। साथ ही, कैंटीनों के लिए 19 किलोग्राम सिलेंडरों के उपयोग की अनुमति देने की भी अपील की गई है।
फिको के प्रधान गुरमीत सिंह कुलार ने कहा कि उद्योगों का संचालन आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर श्रमिकों और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ेगा।