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बोले : ‘मंत्री को देरी तो आम जनता का क्या ?’—अरोड़ा का सिस्टम पर सवाल लुधियाना, 21 मार्च। फिरोजपुर रोड एलिवेटेड फ्लाईओवर के नीचे मल्हार रोड पर शुक्रवार सुबह दो कारों की जोरदार टक्कर ने एक बार फिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जबकि दोनों गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा। प्रारंभिक तौर पर एक चालक के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। इत्तेफाक से उसी समय कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा मौके से गुजर रहे थे। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाकर हालात का जायजा लिया और बिना देरी किए एम्बुलेंस व पुलिस को सूचित किया। डीएमसी अस्पताल की एम्बुलेंस तो समय पर पहुंच गई, लेकिन पुलिस कंट्रोल रूम की देरी ने राहत कार्य में बाधा डाली। करीब एक घंटे तक मंत्री अरोड़ा खुद मौके पर डटे रहे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को भी मदद के लिए प्रेरित किया, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की। मंत्री संजीव अरोड़ा का सख्त संदेश: “अगर एक कैबिनेट मंत्री को ही इमरजेंसी में समय पर सेवा नहीं मिलती, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा? यह बेहद गंभीर विषय है। किसी भी कीमत पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” घटना के बाद मंत्री ने पुलिस कंट्रोल रूम की देरी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब तलब किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं को तुरंत और प्रभावी बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और दोनों पक्षों को जांच के लिए थाने बुलाया है। फिलहाल घायलों का इलाज डीएमसी अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जनहित में अपील: यह घटना साफ संकेत देती है कि नशे में ड्राइविंग, तेज रफ्तार और इमरजेंसी सेवाओं की ढिलाई जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन और नागरिक—दोनों की जिम्मेदारी है कि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें और किसी भी हादसे में तुरंत मदद के लिए आगे आएं। सड़क पर दिखी मानवता और नेतृत्व : चेयरमैन राजू बिंद्रा पंजाब व्यापर मंडल के चेयरमैन राजू बिंद्रा ने कहा की “मंत्री संजीव अरोड़ा का मौके पर रुककर घायलों की मदद करना मानवता और जिम्मेदारी की मिसाल है। ऐसे संवेदनशील नेतृत्व से ही जनता में भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।”