“FTA लुधियाना के लिए संजीवनी साबित होगा” – गम्सा प्रधान गुरप्रीत सिंह केपी
लुधियाना, 7 फरवरी — केंद्र सरकार द्वारा भारत और यूरोप के बीच किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर ट्रेड इंडस्ट्री में उत्साह साफ दिखाई देने लगा है। इसका प्रमाण गारमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स मशीनरी एंड सप्लायर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित 10वें गम्सा एक्सपो में देखने को मिल रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनी के पहले दो दिनों में ही विज़िटर्स की संख्या 10 हजार से पार पहुंच गई है।
एक्सपो में हाई-एंड सर्कुलर निटिंग, अल्ट्रा-कम्पैक्ट फ्लैट निटिंग, एम्ब्रॉयडरी, प्रिंटिंग, डाइंग, वॉशिंग और फिनिशिंग जैसी अत्याधुनिक मशीनरी पेश की जा रही है। दूसरे दिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के दिग्गज उद्योगपति नई तकनीक, ऑटोमेशन और प्रोडक्शन एफिशिएंसी बढ़ाने वाले सॉल्यूशंस की जानकारी लेते नजर आए।
मशीनरी ट्रेडिंग सेक्टर के पायनियर नरेंदर इंटरनेशनल के नरेंदर कुमार ने कहा कि भारत–यूरोप डील देश के सुनहरे भविष्य की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि गुजरात, सूरत और पानीपत जैसे क्षेत्रों में इंडस्ट्री-फ्रेंडली स्कीम और सब्सिडी के कारण बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है और अगले 25 वर्षों का औद्योगिक रोडमैप साफ दिखाई देता है।
गम्सा एक्सपो के प्रधान गुरप्रीत सिंह केपी ने बताया कि 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाली यह डील देश की GDP को कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखती है। इसका मतलब है कि मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को कई गुना बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि लुधियाना को यूरोपियन मार्केट के लिए विंटर गारमेंट हब के रूप में फिर से स्थापित होने का अवसर मिलेगा।
गोल्ड स्टोन इंटरनेशनल के भूपेश जैन ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। हमारे पास तैयारी के लिए एक वर्ष का समय है और अब इंडस्ट्री को मास प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और ग्लोबल क्वालिटी स्टैंडर्ड अपनाने होंगे।
गम्सा एक्सपो में उभरता यह माहौल साफ दर्शाता है कि लुधियाना की गारमेंट इंडस्ट्री अब टेक्नोलॉजी और ग्लोबल बिज़नेस विज़न के साथ नए दौर में प्रवेश कर रही है।