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चंडीगढ़ 07 Feb : मौलीजागरां में एक आठ वर्षीय बच्ची की दुखद मौत की घटना पर चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लेते हुए मेयर ने क्षेत्र में गंभीर स्वच्छता और पेयजल संबंधी समस्याओं को लेकर तत्काल निवारक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मेयर ने कहा कि मौली जागरण से सामने आ रही रिपोर्टें एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट की ओर इशारा करती हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के निवासी लंबे समय से दूषित व अनियमित जल आपूर्ति, ओवरफ्लो सीवरेज और खराब सफाई व्यवस्था से जूझ रहे हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स और निवासियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घरों में कीचड़युक्त और बदबूदार पानी की सप्लाई की जा रही है, जबकि कई बार पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाती है। क्षेत्र के चिकित्सकों ने भी पीलिया, टायफाइड और हेपेटाइटिस जैसी जलजनित बीमारियों के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी की ओर इशारा किया है, जहां प्रतिदिन नए मरीज सामने आ रहे हैं। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, इलाके के तीनों ट्यूबवेल कई दिनों तक खराब बताए जा रहे हैं। मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शहर में इस तरह की परिस्थितियां कदापि स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सेक्टर-49 और धनास जैसे अन्य क्षेत्रों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे कमजोर इलाकों में स्वच्छता और जल आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता स्पष्ट होती है। मेयर सौरभ जोशी ने तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए जल आपूर्ति ढांचे की शीघ्र बहाली, सीवरेज लाइनों की गहन सफाई और जहां आवश्यक हो वहां सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जलजनित बीमारियों से प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर समय पर चिकित्सा सहायता और रोकथाम उपाय लागू करने की बात कही। मेयर ने नगर निगम आयुक्त से कहा कि जवाबदेही तय करना और प्रणालीगत सुधार बेहद जरूरी हैं, ताकि लंबे समय से लंबित नागरिक समस्याएं समय रहते हल हों और वे जनस्वास्थ्य आपात स्थिति का रूप न लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छ पानी और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मेयर ने कहा, “नागरिकों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और जवाबदेही बेहद आवश्यक है।” मेयर ने जमीनी स्तर पर किए जा रहे सुधारात्मक और निवारक कार्यों पर नियमित रिपोर्ट भी तलब की है।