फरहान किताब :
एक संकल्पित युवती की साधारण-सी शुरुआत आज प्रेरणा और बदलाव की एक सशक्त कहानी बन चुकी है। एडवोकेट सायका राशिद, जो कभी सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाली एक आम लड़की थीं, आज सामाजिक न्याय और समानता की मजबूत आवाज़ के रूप में जानी जाती हैं।
कश्मीर की खूबसूरत वादी में जन्मी और पली-बढ़ीं सायका राशिद का प्रारंभिक जीवन रोज़मर्रा की चुनौतियों से भरा रहा। इन्हीं अनुभवों ने उनके भीतर समाज के लिए कुछ करने का जज़्बा पैदा किया। कानून की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए करेंगी।
सायका राशिद कहती हैं,
“मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक व्यक्ति की कोशिश भी बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकती है। मेरा सफर रातों-रात सफलता का नहीं, बल्कि न्याय और बेआवाज़ लोगों की आवाज़ बनने के निरंतर प्रयास का रहा है।”
समय के साथ एडवोकेट सायका राशिद महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और कानूनी सुधारों के लिए किए जा रहे अपने अथक प्रयासों के कारण व्यापक रूप से जानी जाने लगीं। उन्होंने जमीनी स्तर पर अभियानों का नेतृत्व किया, नीतिगत चर्चाओं में भाग लिया और वंचित वर्गों को कानूनी सहायता प्रदान की।
उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिखाती है कि समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ एक व्यक्ति भी समाज में बड़ा प्रभाव डाल सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता फरहान किताब ने कहा,
“सायका का एक साधारण लड़की से एक सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता बनना इस बात का प्रमाण है कि जुनून और perseverance मिलकर ज़िंदगियां बदल सकते हैं।”
अपने कार्य को आगे बढ़ाते हुए एडवोकेट सायका राशिद का लक्ष्य है कि वे विशेष रूप से युवा महिलाओं को समाज में सक्रिय भूमिका निभाने और न्याय के लिए आगे आने के लिए प्रेरित कर सकें।
🌸 उनकी यात्रा न सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि समाज के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश भी है। 🌸