Srinagar 05 Feb : रफियाबाद यूथ वेलफेयर ने एक व्यापक घर-घर जनसंपर्क अभियान की औपचारिक शुरुआत की है, जिसका स्पष्ट संदेश है—कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान करना, उनके परिवारों को परामर्श देना और उनका नामांकन सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का मौलिक अधिकार मिल सके।
यह अभियान रफियाबाद यूथ वेलफेयर के चेयरमैन एर. आमिर वार के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। उनके साथ समर्पित टीम सदस्य उमर फारूक, फाजिल अहमद, इरफान अहमद, मंजूर अहमद, सकलैन मुश्ताक और रमीज़ अहमद रफियाबाद के विभिन्न गांवों में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
अभियान के दौरान स्वयंसेवक स्कूल न जाने वाले बच्चों का विवरण एकत्र कर रहे हैं, पढ़ाई छोड़ने के कारणों को समझ रहे हैं और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व तथा उपलब्ध सहायता के बारे में जागरूक कर रहे हैं। संगठन का लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से हर मोहल्ले और हर घर तक पहुंचकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा छूट न जाए।
इस अवसर पर एर. आमिर वार ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का जन्मसिद्ध अधिकार है और यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे। उन्होंने कहा, “इस घर-घर अभियान के माध्यम से हम स्वयं परिवारों तक पहुंच रहे हैं, उन्हें प्रेरित कर रहे हैं और उन बाधाओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं, जो बच्चों को स्कूल से दूर रखती हैं। एक शिक्षित बच्चा हमारे समाज के उज्ज्वल और मजबूत भविष्य की नींव है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से अपील करते हैं कि वे हमारी टीम का सहयोग करें और इस मिशन को सफल बनाने में हमारा साथ दें। मिलकर हम निरक्षरता को समाप्त कर सकते हैं और एक जागरूक व प्रगतिशील रफियाबाद का निर्माण कर सकते हैं।”
रफियाबाद यूथ वेलफेयर ने सामाजिक और शैक्षणिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आम जनता से इस नेक पहल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
“सबके लिए शिक्षा – हमारा मिशन, हमारी जिम्मेदारी।”