शहजाद पूनावाला ने भाजपा और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से विदाई की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी और संघ परिवार से मिले अवसरों के लिए वह सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और अन्य नेताओं का धन्यवाद किया। पूनावाला ने कहा कि पार्टी से अलग होने के बावजूद विकसित भारत और ‘मेक इंडिया ग्रेट अगेन’ के मिशन के प्रति उनका समर्पण जारी रहेगा।
नई दिल्ली (Naren Danu) : भाजपा नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोमवार को पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दोबारा भेज दिया। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से अनुरोध किया है कि इस बार उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए।
पूनावाला इससे पहले भी 30 जुलाई को इस्तीफा दे चुके थे, लेकिन पार्टी की ओर से उस समय उनका त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया गया था।
‘इस बार मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लें’
शहजाद पूनावाला ने सोमवार को एक्स पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा भेजा है और अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार किया जाए।
उन्होंने भाजपा और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
PM मोदी समेत शीर्ष नेताओं का जताया आभार
पूनावाला ने कहा कि पार्टी में रहते हुए उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जेपी नड्डा और बीएल संतोष से लगातार मार्गदर्शन और सहयोग मिला।
उन्होंने भाजपा और व्यापक संघ परिवार की ओर से मिले अवसरों और मंच के लिए भी आभार व्यक्त किया।
‘भाजपा ने युवा पसमांदा मुस्लिम को अवसर दिया’
अपने संदेश में पूनावाला ने कहा कि भाजपा ने उन्हें एक युवा, पसमांदा मुस्लिम और गैर-वंशवादी व्यक्ति के रूप में अवसर और मंच प्रदान किया, जिसके लिए वह पार्टी के हमेशा आभारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि वह उस पार्टी और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद को अलविदा कह रहे हैं, जिसे उन्होंने बेहद पसंद किया।
‘विकसित भारत’ के मिशन से जुड़े रहेंगे
इस्तीफे के बावजूद पूनावाला ने स्पष्ट किया कि देश के विकास से जुड़े उनके विचार और प्रतिबद्धता जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘मेक इंडिया ग्रेट अगेन’ के मिशन एवं विजन के प्रति उनका समर्पण खत्म नहीं होगा, बल्कि पहले से अधिक जोश और जुनून के साथ जारी रहेगा।
अब सबकी नजर पार्टी के फैसले पर
30 जुलाई के इस्तीफे के बाद अब दूसरी बार त्यागपत्र भेजे जाने से भाजपा के भीतर और राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब नजर इस बात पर है कि भाजपा नेतृत्व इस बार शहजाद पूनावाला के इस्तीफे को स्वीकार करता है या नहीं।