Uturn Time
Breaking
भगवंत मान सरकार कर्मचारियों की जायज़ मांगों को बिना किसी देरी के हल करने के लिए वचनबद्ध: हरपाल सिंह चीमा गैंगस्टरां ते वार का 86वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 566 स्थानों पर छापेमारी; 238 गिरफ्तार आई.एस.आई. समर्थित सीमा पार के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़; चार हैंड ग्रेनेड और दो पिस्तौल सहित एक व्यक्ति अमृतसर से गिरफ्तार विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 6,000 रुपये रिश्वत लेते प्रिंसिपल को रंगे हाथों काबू किया गया ऐतिहासिक नगर बटाला के विकास को बड़ा बढ़ावा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 177 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा विजिलेंस ब्यूरो ने कानूनगो को 33,000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में किया गिरफ्तार विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 15,000 रुपये रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथों काबू किया गया पंजाब पुलिस, आई.आई.टी. रोपड़ के साथ मिलकर एआई-आधारित अपराध नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करेगी वृद्धावस्था पेंशन के लिए 352 करोड़ रुपये से अधिक राशि जारी, बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा हुई मजबूत : डॉ. बलजीत कौर लुधियाना में ED की बड़ी कार्रवाई, मंत्री संजीव अरोड़ा व फिन्डोक एमडी हेमंत सूद के ठिकानों पर छापेमारी कुंदन विद्या मंदिर के छात्र गाव्य जैन ने 95.4% अंक किए हासिल बीसीएम आर्य का शानदार प्रदर्शन, 21 छात्रों ने 99% से अधिक अंक किए हासिल
Logo
Uturn Time
मार्बल-फर्नीचर कारोबार को मिलेगी नई पहचान चंडीगढ़ 29 Jan । शहर के व्यापारिक नक्शे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर-56 में विकसित किए गए आधुनिक Bulk Market में अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह से प्लॉट्स और बूथ्स की नीलामी का फैसला लिया है। करीब 44 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹20 करोड़ खर्च कर आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है, जिससे शहर का बिखरा व्यापार एक सुव्यवस्थित ढांचे में आएगा। इस Bulk Market में कुल 191 एक-कनाल कमर्शियल प्लॉट और 48 बूथ साइट्स विकसित की गई हैं। अलॉटीज़ को यहां बेसमेंट + तीन मंज़िल तक निर्माण की अनुमति होगी, ताकि बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा सकें। 📦 मार्बल और फर्नीचर कारोबार को राहत यह नया मार्केट मुख्य रूप से धनास के पुराने मार्बल मार्केट को शिफ्ट करने के लिए तैयार किया गया है। इसके साथ ही सेक्टर-54 से विस्थापित फर्नीचर व्यापारियों को भी यहां नीलामी में भाग लेने का अवसर मिलेगा। प्रशासन के अनुसार नीलामी प्रक्रिया सभी पात्र व्यापारियों के लिए खुली रहेगी। 🌱 पर्यावरण मंज़ूरी बनी बड़ी बाधा अब तक इस परियोजना में सबसे बड़ी चुनौती Environment Clearance रही है। 20 हजार वर्ग गज से अधिक क्षेत्र वाले प्रोजेक्ट्स के लिए पर्यावरण मंत्रालय की मंज़ूरी जरूरी होती है। प्रशासन को उम्मीद है कि फरवरी के पहले हफ्ते तक मंज़ूरी मिल जाएगी, जिसके बाद मई 2026 से शिफ्टिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। परियोजना के तहत आवश्यक अनुमतियों के बाद 332 पेड़ों को हटाया गया है। वहीं धनास का मौजूदा मार्बल मार्केट लगभग 200 एकड़ कृषि योग्य ज़मीन पर फैला है, जो शिफ्टिंग के बाद खाली हो जाएगी। 📜 Leasehold नीति पर अडिग प्रशासन प्रशासन ने साफ किया है कि सभी प्लॉट्स और बूथ्स Leasehold आधार पर ही नीलाम किए जाएंगे और इन्हें Freehold में कन्वर्ट नहीं किया जाएगा। रिज़र्व प्राइस: ₹3 लाख प्रति वर्ग गज FAR: 1.5 (बढ़ाने पर विचार जारी) हालांकि व्यापारी Freehold की मांग कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल प्रशासन अपनी नीति पर कायम है। ⚖️ हाईकोर्ट के आदेशों की पृष्ठभूमि धनास और सारंगपुर के मार्बल मार्केट्स को पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट अवैध घोषित कर चुका है। इसी कड़ी में पिछले साल सेक्टर-53 का फर्नीचर मार्केट खाली कराया गया था, जिससे करीब ₹1,500 करोड़ मूल्य की ज़मीन मुक्त हुई। ❓ क्या बदलेगा चंडीगढ़ का बिजनेस मैप? सेक्टर-56 का यह नया Bulk Market न सिर्फ मार्बल और फर्नीचर कारोबार को नई जगह देगा, बल्कि चंडीगढ़ के व्यापारिक ढांचे को भी आधुनिक और संगठित रूप प्रदान करेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह प्रोजेक्ट शहर को एक सुव्यवस्थित बिजनेस हब की पहचान दिला पाएगा या व्यापारियों की Freehold मांग आगे नई चुनौती बनेगी।