महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट की छत पर हुए हादसे के बाद उठे धुएं के गुबार से मची भगदड़। प्रारंभिक जांच में कंप्रेसर फटने की बात सामने आई, लेकिन कारणों की जांच जारी। पुलिस ओवरहीटिंग, गैस रिसाव और तकनीकी खराबी समेत सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
चंडीगढ़ (अजीत झा.) : सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भवन की छत पर लगे एयर कंडीशनर (एसी) के कंप्रेसर में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दूर तक सुनाई दी और परिसर में मौजूद लोग दहशत में बाहर निकल आए। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के साथ तेज आवाज और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। घटना के बाद कुछ देर के लिए पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और अन्य लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर अस्पताल भेजा।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट एसी के कंप्रेसर में हुआ, हालांकि इसके पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा कंप्रेसर की तकनीकी खराबी, अत्यधिक दबाव, ओवरहीटिंग, गैस रिसाव या रखरखाव में लापरवाही के कारण हुआ। कंप्रेसर और उससे जुड़े उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर बड़े संस्थानों में लगे एयर कंडीशनिंग सिस्टम के नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और सर्विसिंग ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिलहाल पुलिस जांच रिपोर्ट और तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।