पर्यावरण बचाने की मुहिम को गति देते हुए ग्रीन पंजाब मिशन और वाटरवृक्ष फेडरेशन ने गांव गालिब कलां में 65 पारंपरिक पौधे लगाए। जिला परिषद सदस्य हरिंदर सिंह चाहल ने संस्थाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। अभियान में लोगों से जुड़ने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व संतुलित पर्यावरण तैयार करने का संदेश दिया गया।
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के इस दौर में पर्यावरण को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 'ग्रीन पंजाब मिशन' टीम और 'वाटरवृक्ष फेडरेशन' ने संयुक्त रूप से एक सराहनीय कदम उठाया है। इसके तहत गांव गालिब कलां की चाहल पत्ती स्थित श्मशानघाट में करीब 65 पारंपरिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया गया।
इस दौरान ग्रीन पंजाब मिशन के प्रतिनिधि सतपाल सिंह देहड़का ने बताया कि उनकी संस्था लंबे समय से पर्यावरण की सुरक्षा और पौधों की संभाल के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की सभी पंचायतों और सरपंचों से अपील की कि यदि उनके गांवों में कोई खाली या सांझी जगह उपलब्ध है, तो वे संस्था से संपर्क करें ताकि वहां पौधे लगाकर धरती को फिर से हरा-भरा बनाया जा सके।
वाटरवृक्ष फेडरेशन की प्रतिनिधि मैडम समिता कौर, मैडम स्वरणजीत कौर और गुरनीत सिंह मांगट ने इस मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि धरती को बचाना आज हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ग्रीन पंजाब मिशन को जरूरत पड़ने पर और अधिक पौधे तुरंत उपलब्ध करवाए जाएंगे।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य हरिंदर सिंह चाहल ने दोनों संस्थाओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रकृति की संभाल के इस महान कार्य में वे हरसंभव व्यक्तिगत और प्रशासनिक सहयोग देंगे। साथ ही, उन्होंने इलाके की अन्य पंचायतों को भी इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का भरोसा दिया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण का निर्माण किया जा सके।
इस मौके पर जगप्रीत सिंह, हरनारायण सिंह, कंचन मैडम, राजपाल जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।