गुरुद्वारा साहिब के लंगर हाल को बना डाला फोटोशूट का स्थान
लुधियाना/यूटर्न/17 जुलाई। लुधियाना में करीब दो साल से पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और कांग्रेस नेता कमलजीत सिंह कड़वल के बीच चल रहा विवाद शुक्रवार को आखिरकार खत्म हो गया। दोनों ने गुरुद्वारा मंजी साहिब आलमगीर में नतमस्तक होकर गुरु साहिब की हजूरी में हाथ मिलाया। दोनों नेताओं ने आगे से एक दूसरे के परिवार खिलाफ टिप्पणी न करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आगे से वे मिलकर पार्टी के बैनर तले काम करेगें। बता दें कि कमलजीत कड़वल द्वारा शुक्रवार दोपहर 12 बजे प्रैस कांफ्रेस कर बड़े खुलासे करने का दावा किया गया था। जिसके लिए मीडिया को भी आमंत्रित किया गया था। लेकिन उससे पहले ही दोनों में समझौता हो गया।
82 लाख के सबूत देने को दिया था समय
पूर्व विधायक सिमरजीत बैंस द्वारा कुछ दिन पहले प्रैस कांफ्रेस कर आरोप लगाए थे कि कड़वल ने उनसे 82 लाख रुपए देने है। सालों बीतने के बाद भी पेमेंट नहीं दी गई। वहीं दोस्त की पत्नी के साथ गलत होने का आरोप लगाया था। कड़वल ने दावा किया था कि अगर बैंस सात दिन में सभी आरोपों के सबूत न पेश कर सके, तो वे प्रैस कांफ्रेस कर अहम खुलासे करेगें। शुक्रवार को वे समय खत्म हो गया था। जिसके बाद कड़वल ने दोपहर 12 बजे मॉडल टाउन क्लस में प्रैस कांफ्रेस करने का ऐलान किया था।
लंगर हाल में चलता रहा फोटोशूट
लंगर स्थान को पवित्र स्थान माना जाता है। जहां पर लंगर ग्रहण करते हुए संगत को भी फोन इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि बैंस और कड़वल द्वारा वहां लंगर ग्रहण किया गया और फिर वहीं पर उनके साथ आए समर्थकों द्वारा फोटोज खिंचवानी शुरु कर दी गई। बेशक दोनों नेताओं द्वारा खुद मरियादा का ध्यान रखा गया, लेकिन कहीं न कहीं उनके समर्थकों ने मर्यादा भूल बिना सोचे समझे फोटो खिंचवाने पर जोर दिया।
कुछ लोगों ने दोनों में पैदा किए मतभेद
समझौते के दौरान बैंस और कड़वल ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें बातों को घूमा घुमाकर पेश करके एक दूसरे के प्रति मतभेद पैदा कर दिए गए थे। लेकिन अब उन्होंने सभी मतभेद खत्म कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि 25 साल पुरानी दोस्ती पहले की तरह बरकरार रहेगी। हम दोनों एक दूसरे के परिवारों के खिलाफ कोई भी गलत टिप्पणी नहीं करेगें। वहीं सभी गिले-शिकवे भुलाकर एकजुट होकर जनता की सेवा करेगें।
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