लाइब्रेरी नामकरण को लेकर बडसीकरी कलां में बवाल, राष्ट्रपति तक पहुंची शिकायत
कलायत (रवि जैस्ट) : डॉ. बी.आर. अम्बेडकर युवा मंच बडसीकरी कलां द्वारा संचालित पुस्तकालय का नाम बदलकर 'अटल पुस्तकालय' करने के विरोध में बहुजन स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (बसवा) इंडिया और युवा मंच ने उपमंडल अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एसडीएम अजय हुड्डा को ज्ञापन सौंपा है। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर युवा मंच के प्रधान प्रवीन राठी और बसवा के मुख्य प्रभारी अमित बेलरखा ने इस कदम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बडसीकरी कलां में वर्ष 2012 से समाज के सहयोग से चल रही इस लाइब्रेरी का नाम बदलना संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का अपमान है, जिसे बहुजन समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकार ने प्रदेश में महापुरुषों और शहीदों के नाम पर चल रहे करीब 300 पुस्तकालयों के नाम बदलकर अटल पुस्तकालय कर दिए हैं, जिससे समाज में भारी रोष है।
बसवा टीम और छात्र नेताओं ने सरकार से इन सभी पुराने पुस्तकालयों के नाम पुनः बहाल करने की मांग की है। पूर्व प्रदेश प्रभारी अजय कलायत और साहिल सुसैन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार नई बिल्डिंग बनाकर अटल पुस्तकालय खोलती है, तो वे उसका पूरा सहयोग करेंगे। लेकिन, शहीद भगत सिंह, ऊधम सिंह, सर छोटूराम, एपीजे अब्दुल कलाम, संत कबीरदास और गुरु रविदास जैसे महापुरुषों व शहीदों के नाम पर चल रहे पुस्तकालयों के नाम बदलने पर जिला मुख्यालयों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर गुरमीत राठी, अभिषेक धानिया, मोनू धानिया, विकास धानिया, प्रिंस राठी, मनीष कश्यप और कैलाश राठी सहित कई युवा मौजूद रहे।