5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, हेमकुंड साहिब में उमड़ी आस्था
Chandigarh/Chamoli: चमोली में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार सुबह 11:30 बजे पूरे विधि-विधान और अरदास के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। करीब 225 दिन बाद खुले कपाटों के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से आए 3000 से अधिक श्रद्धालु धाम में मौजूद रहे। पंच प्यारों की अगुवाई में श्रद्धालुओं का पहला जत्था घांघरिया से कठिन चढ़ाई पूरी कर करीब 1500 फीट की ऊंचाई पर स्थित धाम पहुंचा। कपाट खुलते ही पूरी लोकपाल घाटी ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों से गूंज उठी। गुरुद्वारे को करीब 5 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। हेमकुंड साहिब के कपाट पिछले साल 10 अक्टूबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद किए गए थे।
इसके बाद छह महीने से ज्यादा समय तक धाम बर्फ से ढका रहा। इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही 67,690 श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे शुरुआती दिनों में ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
ऋषिकेश से शुरू हुआ था पहला जत्था
हेमकुंड साहिब यात्रा का पहला जत्था बुधवार को ऋषिकेश स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब से रवाना हुआ था। पंच प्यारों की अगुवाई में रवाना हुए जत्थे को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने विदा किया था। तीन दिन की यात्रा के बाद श्रद्धालु गोविंदघाट और घांघरिया होते हुए धाम तक पहुंचे। यात्रा के दौरान कीर्तन, लंगर और अरदास का आयोजन भी किया गया। इस बार यात्रा शुरू होने के साथ ही हरिद्वार, ऋषिकेश और चमोली में श्रद्धालुओं की आवाजाही तेजी से बढ़ गई है।