2043 करोड़ की योजना से शहरों को मिलेगी राहत
नैनीताल: कुमाऊं के शहरों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए करीब 2043 करोड़ रुपये की व्यापक योजना तैयार की गई है। इस योजना का उद्देश्य बरसात के दौरान होने वाली जलजमाव की समस्या को खत्म करना और शहरी ढांचे को मजबूत बनाना है।
बैठक में आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए और प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में प्रथम चरण में जलभराव से सर्वाधिक प्रभावित 10 शहरों को प्राथमिकता पर लेते हुए कार्य आरंभ करने का निर्णय लिया गया। इनमें टनकपुर, बनबसा, खटीमा, रुद्रपुर, काशीपुर, गदरपुर, सितारगंज, हल्द्वानी और मालधनचौड़ सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में पहले ड्रेनेज कार्य शुरू किए जाएं तथा सभी विभाग आपसी समन्वय से मास्टर प्लान के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रथम चरण के बाद शेष चार शहरों को द्वितीय चरण में शामिल किया जाएगा।