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मोहाली-लुधियाना की जमीनों की खरीद बेच के संबंध में ईडी के छापे, बेनामी जमीन सौदों की जांच तेज Chandigarh: हरियाणा में राजस्व विभाग के डिजिटलीकरण पर जोर, ई-गवर्नेंस को बढ़ावा Chandigarh: हरियाणा में राजस्व लोक अदालतों से न्याय प्रक्रिया तेज होगी Hisar: सिद्धांत जैन का बयान, साइबर अपराधों पर तुरंत कार्रवाई जरूरी Faridkot: नामांकन के दौरान आप और कांग्रेस वर्करों में तकरार, कांग्रेस कैंडिडेट का नामांकन छीनकर भागा युवक Ludhiana: ना पारदर्शिता ना जनहित से प्यार“हर शुक्रवार डेंगू ते वार” New Delhi: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आदेश, सरकारी फैसलों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें New Delhi: ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल Ludhiana: सीबीएसई 12वीं के परिणाम में आनंद ट्यूटोरियल इंस्टीच्यूट का शानदार प्रदर्शन Ludhiana: पंजाब सरकार पेट्रोल - डीजल सहित जरूरी वस्तुओं पर वैट कम करके उदहारण पेश करे: पवन शर्मा हलवारा एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरु, कांग्रेसी-आप लीडर रहे गैरहाजिर Panipat: इंडियन ऑयल ने ड्रेन नंबर 2 पर बने नव निर्मित ददलाना पुल का किया उद्घाटन
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मोहाली/लुधियाना 16 May । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली जिले के ब्लॉक माजरी (न्यू चंडीगढ़) और मुल्लांपुर के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित बेनामी जमीन सौदों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी पंजाब के एक बड़े प्रॉपर्टी डीलर के वित्तीय लेन-देन और जमीन खरीद-फरोख्त की गहन जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उक्त डीलर ने लैंड पूलिंग पॉलिसी 2025 लागू होने से पहले ही लुधियाना और मोहाली में बड़े पैमाने पर निवेश किया था। जांच के दौरान मुल्लांपुर गरीबदास और शिंगारीवाला गांवों के भूमि रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, जहां GMADA (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा हाल ही में जमीन अधिग्रहित की गई थी। सूत्रों का यह भी दावा है कि यह प्रॉपर्टी डीलर आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता का करीबी माना जाता है। जांच एजेंसियों को शक है कि इस डीलर ने कई अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के धन को बेनामी जमीन सौदों में निवेश कराने में मदद की। हालांकि, ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह छापेमारी रियल एस्टेट सेक्टर में अनियमितताओं और गलत तरीके से सीएलयू (Change of Land Use) मंजूर कराने से जुड़े मामलों की जांच का हिस्सा है।