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सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर नगर कौंसिल मंडी मुल्लांपुर दाखा के सफाई सेवकों और सीवरमैनों द्वारा अपनी मांगों तथा पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ चलाया जा रहा धरना आज 11वें दिन में प्रवेश कर गया। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हड़ताल शुरू हुए कई दिन बीत जाने के बावजूद पंजाब सरकार का कोई भी प्रतिनिधि उनकी मांगों को सुनने या उन्हें आश्वासन देने के लिए नहीं पहुंचा। हड़ताल के चलते पूरे शहर की गलियों और मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरने की अगुवाई कर रहे अशोक कुमार ने कहा कि सफाई सेवक अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पिछले चार वर्षों से सरकार उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने बताया कि कच्चे सफाई सेवकों को अब तक पक्का नहीं किया गया है तथा छठे वेतन आयोग के तहत बंद किए गए भत्तों और ए.सी.पी. स्कीम के लाभ भी बहाल नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे सभी सफाई सेवकों और सीवरमैनों को इस बात का दुख है कि सरकार का कोई भी प्रतिनिधि उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। धरने में मुख्य रूप से मुकेश कुमार, गुरप्रीत सिंह, पंजाब सिंह, राजू, अमृतपाल, विक्की कुमार, सतीश कुमार, धर्मेंद्र, पिंकी, मनोज कुमार, उर्मिला, सुमन, रेखा, संतोष, सुनीता और जैवीर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।