हैदराबाद 07 May : देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और गर्मी ने अभी से लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच देश में सामान्य से अधिक तापमान और हीटवेव (लू) के दिनों में बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
इसी बीच, हैदराबाद की एक क्लीन-टेक स्टार्टअप *Ambiator* ने एक नया कूलिंग सिस्टम विकसित करने का दावा किया है, जो बिना रेफ्रिजरेंट (ठंडा करने वाली गैस) के काम करता है। यह तकनीक पारंपरिक एयर कंडीशनिंग की तुलना में कम बिजली खपत के साथ ठंडी और ताज़ा हवा देने का दावा करती है।
कंपनी के अनुसार, यह सिस्टम पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल है क्योंकि इसमें ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में योगदान देने वाले रेफ्रिजरेंट्स का उपयोग नहीं होता। इससे कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद मिल सकती है और ऊर्जा की भी बचत होती है।
हालांकि, इस तकनीक को लेकर स्वतंत्र स्तर पर व्यापक प्रमाण और बड़े पैमाने पर तैनाती के आंकड़े अभी सीमित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी वैकल्पिक कूलिंग तकनीकें भारत जैसे गर्म जलवायु वाले देशों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं, बशर्ते वे वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी साबित हों।
भीषण गर्मी के इस दौर में यदि ऐसी नवाचार तकनीकें सफल होती हैं, तो यह पारंपरिक एयर कंडीशनिंग के लिए एक हरित (ग्रीन) विकल्प बन सकती हैं और ऊर्जा संकट को कम करने में भी मददगार साबित हो सकती हैं।