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नगर परिषद से 100 मीटर दूर चिंगारियां उगल रहा ट्रांसफार्मर, हादसे का खतरा



खुले मीटर बॉक्स, झूलती तारें और स्पार्किंग—बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल
जीरकपुर 19 Apr : बिजली विभाग की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। हैरानी की बात यह है कि यह गंभीर स्थिति किसी दूरदराज इलाके में नहीं, बल्कि शहर के सबसे अहम प्रशासनिक केंद्र के पास बनी हुई है। नगर परिषद कार्यालय से महज सौ मीटर की दूरी पर लगा बिजली का ट्रांसफार्मर इन दिनों ‘जीता-जागता बम’ बना हुआ है, जिससे लगातार चिंगारियां निकल रही हैं। यह ट्रांसफार्मर ऐसे क्षेत्र में स्थित है, जहां दिनभर भारी आवाजाही रहती है। इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों में भय और रोष दोनों देखने को मिल रहे हैं। बॉक्स प्रशासनिक केंद्रों के पास बना खतरा जिस स्थान पर यह जर्जर ट्रांसफार्मर लगा है, वहां नगर परिषद कार्यालय के साथ-साथ जीरकपुर पुलिस थाना भी स्थित है। सरकारी कामकाज के चलते यहां प्रतिदिन हजारों लोग पहुंचते हैं। साथ ही यह घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका भी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर और तारों से निकलती चिंगारियां कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। इसके बावजूद विभाग इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है। बॉक्स बदहाली की तस्वीरें: लकड़ी के सहारे मीटर बॉक्स, तारों पर लटकी चप्पलें इलाके में बिजली व्यवस्था की हालत बेहद खराब नजर आ रही है। कई स्थानों पर मीटर बॉक्स खुले पड़े हैं, जिन्हें सही तरीके से ठीक करने के बजाय लकड़ी के डंडों के सहारे टिकाया गया है। सड़कों और गलियों में बिजली की तारें इतनी नीचे लटक रही हैं कि बड़े वाहनों के उनसे टकराने का खतरा बना हुआ है। इतना ही नहीं, कई जगहों पर इन तारों पर पुरानी चप्पलें लटकी देखी गईं, जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। बॉक्स पुराने हादसों से नहीं लिया सबक स्थानीय लोगों का कहना है कि जीरकपुर में पहले भी शॉर्ट सर्किट और खुले तारों के कारण कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन विभाग ने उनसे कोई सबक नहीं लिया। लोगों का कहना है कि वे हर दिन डर के साये में यहां से गुजरते हैं। चिंगारियां गिरती रहती हैं और तारें नीचे झूल रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कोटस “हमारा रिपेयरिंग का काम पहले से चल रहा है। जहां कहीं मीटर बॉक्स लटके हुए हैं या तारों में स्पार्किंग हो रही है, उन्हें मौके पर देखकर जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।” — आशीष यादव, जेई, बिजली विभाग, जीरकपुर नगर परिषद और पुलिस थाना जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के पास इस तरह की लापरवाही न केवल विभागीय विफलता को दर्शाती है, बल्कि आम लोगों की जान को भी खतरे में डाल रही है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।