शहर में नशे के खिलाफ जारी अभियान के तहत पुलिस ने रामदरबार फेज-2 स्थित एक संदिग्ध ड्रग सप्लायर के घर छापा मारकर बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। हालांकि मुख्य आरोपी रवि उर्फ भूरा पुलिस कार्रवाई से पहले ही अपनी पत्नी समेत फरार हो गया। पुलिस को शक है कि रेड की भनक पहले ही आरोपी तक पहुंच गई थी।
मौलीजागरां थाना और सेक्टर-31 थाना का जॉइंट ऑपरेशन
इस कार्रवाई को चंडीगढ़ पुलिस के मौलीजागरां थाना और सेक्टर-31 थाना की टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। ऑपरेशन की अगुवाई इंस्पेक्टर जसकरण सिंह और इंस्पेक्टर हरिओम शर्मा ने की। कोर्ट से सर्च वारंट लेने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर की गहन तलाशी ली। कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगा।
हेरोइन केस से जुड़ा बड़ा खुलासा
मामले की कड़ी तब जुड़ी जब पुलिस ने पहले हल्लोमाजरा निवासी विपिन उर्फ आदित्य को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 16.41 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। पुलिस को देखकर आरोपी ने अपनी पैंट से एक पॉलीथिन फेंक दी और भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे मौके पर ही दबोच लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विपिन रामदरबार निवासी रवि उर्फ भूरा से हेरोइन लेकर आता था। अदालत से रिमांड मिलने के बाद हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ।
लत लगाकर बनाया सप्लायर
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि रवि उर्फ भूरा ने पहले विपिन को नशे का आदी बनाया और बाद में उसे ड्रग सप्लाई के काम में लगा दिया। इस तरह उसने इलाके में अपनी सप्लाई चेन तैयार कर रखी थी।
थाना प्रभारी जसकरण सिंह का बयान
मौलीजागरां थाना प्रभारी जसकरण सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ एक आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी। फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि वह नशा कहां से लाता था और किन-किन इलाकों में सप्लाई करता था। उन्होंने नशा तस्करों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि या तो नशा छोड़ दें या फिर इलाका छोड़ दें