लुधियाना/यूटर्न/17 अप्रैल। लुधियाना जिले के सिधवां बेट इलाके के गांव गोरसियां खान मोहम्मद में कथित अवैध रेत खनन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पनग्रेन के चेयरमैन और लुधियाना (देहाती) के जिला प्रधान डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पंजाब सरकार के मंत्री बरिंदर गोयल से संयुक्त जांच की मांग की है। उन्होंने जालंधर और लुधियाना जिला प्रशासन की एक संयुक्त जांच कमेटी गठित करने का आग्रह किया है। डॉ. गिल ने मौके पर पहुंचकर आरोप लगाया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन हो रहा है। उन्होंने बताया कि खनन माफिया ने दरिया के अंदर अवैध रूप से बांध बनाकर पानी का बहाव रोक दिया है, जिससे प्राकृतिक जलधारा और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
पनग्रेन चेयरमैन ने मांगी संयुक्त जांच
डॉ. गिल के अनुसार, माइनिंग माफिया भारी पोकलेन मशीनों का उपयोग कर दरिया से रेत निकाल रहा था। रेत की ढुलाई के लिए ओवरलोड ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके कारण आसपास के इलाकों में धूल-प्रदूषण और यातायात की समस्या भी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि रेत खनन स्थल जालंधर जिले में स्थित है, लेकिन खनन माफिया लुधियाना क्षेत्र के रास्तों का उपयोग कर रहा है। गांववासियों के अनुसार, ओवरलोड ट्रकों के कारण गांव की सड़कें बुरी तरह टूट गई हैं और सीवरेज सिस्टम भी प्रभावित हुआ है।
शिकायत करने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को फोन पर शिकायतें दीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि यदि दरिया में बना बांध अचानक टूट जाता या पानी का बहाव तेज हो जाता, तो सिधवां बेट क्षेत्र के कई गांवों को भारी नुकसान हो सकता था। शिकायतों पर कार्रवाई न होने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजी है। जिसके बाद अधिकारियों ने काम रुकवाया।
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