दिनेश मौदगिल
लुधियाना, 4 जनवरी : जानलेवा चाइना डोर को लेकर चाहे पुलिस प्रशासन तरह तरह के दावे करता रहता है फिर भी उनके यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। चाइना डोर के कुछ गट्टू पकड़ कर पुलिस मीडिया में तो दिखा देती है मगर फिर भी चाइना डोर बिक रही है और पुलिस प्रशासन इसको रोकने में असफल साबित हो रहा है। इस जानलेवा डोर से लोगों की जिंदगी को खतरा बना रहता है। बीते दिनों पक्खोवाल रोड़ पर एक स्कूटर सवार युवा की गर्दन पर डोर फिर गई और उसके 13 टांके लगे। चाइना डोर की रोकथाम करने में ना जाने क्यों प्रशासन फेल है। ना जाने कब तक इस खूनी डोर का खेल चलता रहेगा। कभी तो संस्थाएं और लोग चाइना की वस्तुओं का बायकॉट करने का शोर मचाते है फिर चाइना डोर के खिलाफ क्यों नहीं खड़े होते जो लोगों की जान के लिए सरेआम खतरा है।
बंद क्यों नहीं हो रही, यह सोचने का विषय: युवा नेता शौर्य प्रभाकर ने इस बारे अपने विचार रखते हुए कहा कि चाइना डोर बारे हम कितने सालों से सुनते आ रहे हैं। यह बंद क्यों नहीं हो रही यह सोचने का विषय है। अगर सरकार और प्रशासन चाहे तो कहीं चाइना डोर दिखी भी ना दे। इसकी कितनी दुकानें हैं,प्रशासन डोर टू डोर सर्च करे। प्रशासन को बातों में नहीं असल में इसके खिलाफ सख्ती करनी चाहिए तो यह डोर बंद हो सकती है।
बहिष्कार करना चाहिए: समाज सेविका बिंदिया मदान ने इस बारे में कहा कि इस जानलेवा डोर से आम लोगों की जिंदगी को खतरा होने के साथ साथ पशु पक्षियों की जिंदगी पर भी खतरा मंडराता है। इंसानों के साथ साथ पशु पक्षी भी इसकी चपेट में आते हैं। उन्होंने कहा कि जनता को भी चाहिए कि वह चाइना डोर का बहिष्कार करे।
युवा वर्ग को भी सहयोग देना होगा: भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री वरिंदर गागट ने कहा कि चाइना डोर पर प्रशासन को पूर्ण प्रतिबंध करना चाहिए। इस खूनी डोर के खिलाफ युवा वर्ग को भी सहयोग करना चाहिए़ और आम लोगों को भी आगे आकर इसके खिलाफ खड़े होना चाहिए ताकि लोगों की कीमती जिंदगी को इससे राहत मिल सके।