सुखमनी साहिब पाठ, गुरबाणी कीर्तन और गुरु का लंगर रहा अटूट
डेराबस्सी 04 Jan :
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी डेराबस्सी में दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का 359वां प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुखमनी सेवा सोसायटी तथा समस्त जीबीपी कॉलोनियों, डेराबस्सी की संगतों ने मिलकर भव्य धार्मिक आयोजन किया।
सुबह धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत सुखमनी सेवा सोसायटी की बीबियों के जत्थे द्वारा श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ से हुई। पाठ के दौरान पूरा वातावरण गुरबाणीमय हो गया और संगत ने श्रद्धा भाव से गुरु वाणी का श्रवण किया।
इसके उपरांत ज्ञानी अमरीक सिंह जी (बैंगलोर वाले) ने संगत को संबोधित करते हुए दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के महान जीवन, उनकी अद्वितीय कुर्बानियों, धर्म की रक्षा तथा मानवता के लिए दिए गए अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने गुरु साहिब के उपदेशों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देते हुए संगत से सत्य, सहनशीलता और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
बाद में भाई सुखजीत सिंह जी (गुरुद्वारा बावली साहिब) द्वारा भावपूर्ण गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया गया। कीर्तन के दौरान संगत द्वारा किए गए वाहेगुरु के जाप से समूचा परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु निहाल हो उठे।
समागम के अंत में सरबत के भले की अरदास की गई। इसके पश्चात गुरु का लंगर अटूट रूप से वितरित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने श्रद्धा पूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के सफल संचालन में संगत और सेवादारों का विशेष योगदान रहा।