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जगरांव/यूटर्न24/मार्च। पंजाब सरकार द्वारा अवैध माइनिंग (खनन) को रोकने के बड़े-बड़े दावों के बीच, जगरांव इलाके में रात के अंधेरे में कथित तौर पर रेत के अवैध खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है। कपूरथला निवासी और खुद को पर्यावरण प्रेमी बताने वाले गुरजीत सिंह (पुत्र जीत सिंह) ने पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री को एक लिखित शिकायत भेजी है। इसमें गांव मधेपुर की पंचायती जमीन पर बड़े स्तर पर चल रही कथित अवैध माइनिंग का पर्दाफाश किया गया है और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सीधे तौर पर सवाल खड़े किए गए हैं। ​रात के समय चलती हैं जे.सी.बी. मशीनें और टिप्पर मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, गुरजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि गांव मधेपुर में रात के समय 4 जे.सी.बी. मशीनों से रेत की खुदाई की जा रही है। उनका दावा है कि हर रात करीब 60 से 70 ट्रालियां और 20 से 25 टिप्पर रेत से भरकर निकाले जा रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, हैरानी की बात यह है कि रेत से भरे ये भारी वाहन सिद्धवां बेट थाने के गेट के ठीक आगे से होकर जगराओं की तरफ जाते हैं। उन्होंने दावा किया है कि सिद्धवां बेट चौक से लेकर थाने तक लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच करने पर इस पूरे खेल की सच्चाई सामने आ सकती है। ​कंट्रोल रूम और उच्च अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप शिकायतकर्ता गुरजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए इस कथित गैर-कानूनी गतिविधि की सूचना तुरंत 112 हेल्पलाइन और जगराओं कंट्रोल रूम पर दी, जिसका आधिकारिक शिकायत नंबर (2599323 / PB 20260323000059) भी उनके पास मौजूद है। आरोप है कि शिकायत दर्ज करवाने के बावजूद किसी भी जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मुआयना नहीं किया। ​पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि जब एस.एच.ओ. सिद्धवां बेट को फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद डी.एस.पी. जगरांव को पूरे मामले से अवगत करवाया गया। शिकायतकर्ता का गंभीर आरोप है कि डी.एस.पी. साहब से करीब 10 मिनट बातचीत होने के बावजूद न तो माइनिंग का काम बंद करवाया गया और न ही कोई कानूनी कार्रवाई की गई, बल्कि उल्टा शिकायतकर्ता से ही सवाल-जवाब किए जाने लगे। ​मिलीभगत का अंदेशा और उच्च स्तरीय जांच की मांग पर्यावरण प्रेमी गुरजीत सिंह ने अपनी शिकायत दिनांक 23/मार्च को एस.एच.ओ. सिद्धवां बेट, डी.एस.पी. जगरांव और जगबीर सिंह जग्गा नामक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाते हुए अंदेशा जताया है कि यह सारा कारोबार कथित तौर पर स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से चल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पंजाब से मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करवाई जाए। इसके साथ ही मौके पर मौजूद मशीनों और वाहनों को तुरंत जब्त करके सरकारी खजाने की हो रही लूट को रोका जाए। ​गौरतलब है कि इस शिकायत की प्रतियां (Copies) माइनिंग मंत्री पंजाब, एस.एस.पी. जगरांव और कार्यकारी इंजीनियर (जिला माइनिंग अफसर) लुधियाना को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या एक्शन लेता है।