ddos for hiredstatdstat l4주소모음스포츠중계토토사이트여기여주소모음스포츠중계토토사이트배팅의민족여기여bulk Ahrefs DR checker스포츠중계뉴토끼토토사이트누누티비여기여토토커뮤니티주소모음ipstresserip stressercasibomcasibomjojobetjojobet
अब लुधियाना की पार्कों और ग्रीन बेल्ट से हटेगें कब्जे, एनजीटी का डीसी और 2 विभागों को नोटिस, कार्रवाई न होने पर अफसरों पर हो सकता एक्शन - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Chandigarh: चंडीगढ़ में जुटेंगे ब्रिक्स देशों के स्वास्थ्य दिग्गज, 22 से 24 जुलाई तक होगा अंतरराष्ट्रीय हेल्थ सम्मेलन New Delhi: पाकिस्तान को भारत का स्पष्ट जवाब, 'आतंक और सिंधु जल संधि साथ-साथ नहीं चल सकते' New Delhi: दिल्ली रूट पर रेल संचालन बाधित, मालगाड़ी हादसे के बाद कई ट्रेनों का शेड्यूल बदला Indore: नशामुक्त भारत का बुलंद संदेश, इंदौर में हजारों लोगों ने एक साथ बनाईं मानव श्रृंखला Ludhiana: लैब में बंद कर छात्र को पीटने का आरोप, तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल में कराया भर्ती Phagwara: एलएडीसी नीति के विरोध में फगवाड़ा बार की हड़ताल 14वें दिन भी जारी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी Chandigarh: दिल्ली में कांग्रेस की शक्ति परीक्षा, क्या एक मंच पर आएंगे राजा वड़िंग और चन्नी गुट? New Delhi: छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, आप ने कहा- दमन से नहीं थमेगा विरोध, सरकार करे संवाद Chandigarh: दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को मिलेगा नया आधार, सरकार ने 1093 विशेष शिक्षक पदों को दी मंजूरी सुबह-सुबह 8 से 10 गाड़ियों में पहुंची सेंट्रल जीएसटी की टीमें, सुधीर फोर्जिंग में दस्तावेजों की जांच शुरू Chandigarh: हरियाणा में आयुष सेवाओं को मिलेगा विस्तार, हिसार आयुष अस्पताल अगस्त 2026 तक होगा शुरू Shimla: हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 5,600 से अधिक पदों पर होगी भर्ती; आशा वर्करों और शिक्षकों को भी राहत
Logo
Uturn Time
सरकारी विभागों ने ही कर रखे कब्जे, तीन महीने में रिपोर्ट सबमिट करने के ऑर्डर राजदीप सिंह सैनी लुधियाना/यूटर्न/19 मार्च। लुधियाना में नगर निगम, ग्लाडा और लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की और से पार्कों और ग्रीन बेल्ट में सरेआम अवैध कब्जे कर रखे हैं। कहीं पार्क में कमरे तो कहीं दुकानें बना रखी है, जबकि कई जगह तो धार्मिक स्थल व कोठियां तक बना दी गई। इस मामले में एनजीटी द्वारा संज्ञान ले लिया गया है। जिसके चलते डीसी लुधियाना हिमांशु जैन, पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट की संयुक्त कमेटी बनाकर कार्रवाई करने के ऑर्डर दिए हैं। जिस संबंधी तीन महीने में रिपोर्ट सबमिट करनी होगी। अगर रिपोर्ट सबमिट न की गई तो एनजीटी द्वारा अधिकारियों पर भी एक्शन लिया जा सकता है। यह ऑर्डर 18 मार्च को किए गए हैं। अब देखना होगा कि एनजीटी की सख्ती के बाद डीसी, पीपीसीबी और मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट द्वारा कोई एक्शन लिया जाता है या नहीं। 10 महीने पहले भी किए थे आदेश, नहीं लिया एक्शन जानकारी के अनुसार पब्लिक एक्शन कमेटी की और से शहर में पार्कों और ग्रीन बेल्ट पर हुए कब्जे को लेकर एनजीटी के समक्ष यह मामला उठाया था। जिसके बाद 31 जुलाई 2025 को एनजीटी ने एक कमेटी गठित की। जिसमें डीसी हिमांशु जैन, पीपीसीबी और मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट मेंबर बनाए गए और डीसी नोडल अफसर बनाए गए थे। तब कमेटी को एक्रोचमेंट हटवाने और उसकी रिपोर्ट तीन महीने में सबमिट करने के आदेश दिए थे। लेकिन न तो एक्शन लिया गया और न ही रिपोर्ट सबमिट की गई थी। अधिकारियों पर हो सकता एक्शन पब्लिक एक्शन कमेटी के कपिल अरोड़ा ने बताया कि कमेटी द्वारा एक्शन लेने पर उन्होंने दोबारा 10 मार्च 2026 को एनजीटी के समक्ष पेश होकर याचिका दायर की। जिसके बाद एनजीटी ने डीसी समेत तीनों विभागों को नोटिस जारी किया है। जिसमें अधिकारियों को पहले एक्शन न लेने का जवाब दाखिल करने और अगर एक्शन लिया है तो उसकी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। चर्चा है कि अगर अधिकारी अभी भी एक्शन नहीं लेते तो एनजीटी अधिकारियों पर भी एक्शन ले सकती है। पार्क की 1000 गज जमीन में बना रखी गौशाला जानकारी के अनुसार यह कब्जे नगर निगम, लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और ग्लाडा द्वारा करवाए गए हैं। हैबोवाल डेयरियों में तो पार्क की 1000 गज जमीन पर खुद को समाजसेवी कहने वाले कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर गौशाला बना रखी है। वहीं मॉडल टाउन एक्सटेंशन के सामने पार्क में ट्यूशन सेंटर चल रहा है। इसी तरह सराभा नगर थाने के पास एक कांग्रेसी लीडर ने पार्क के बीच से सड़क निकाल रखी है। वहीं गांधी नगर मार्केट के बाहर पार्क को खत्म करके वेन्डिंग जोन बनाया जा रहा है। संस्थाओं ने पार्क में बना रखे कमरे शहर की किसी भी पार्क को देख लें तो उसमें 1-2 कमरे जरुर बने होते हैं। नियमों के मुताबिक पार्क में एक भी कमरा नहीं बन सकता। लेकिन उदाहरण के तौर पर देखें तो गिल रोड पर शिअद नेता गुरमीत सिंह कुलार के ऑफिस सामने ही मच्छी पार्क में सरेआम संस्था ने कमरे बना रखे हैं। वहीं रखबाग में तो पंक्षी सेवा सोसायटी चल रही थी। इसी के साथ साथ सराभा नगर के हैप्पी फोर्जिंग पार्क में तो टेपोरेरी कंटीन चल रही है। जहां कारोबारी रोजाना सुबह आकर चाय-काफी पीते हैं। सरकारी भी ही खत्म करने में लगा ग्रीन बेल्ट एक तरफ पंजाब सरकार द्वारा ग्रीन बेल्ट को बढ़ावा देने और पौधे लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ सरकार के ही सरकारी विभाग नगर निगम, लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और ग्लाडा द्वारा कब्जे किए जा रहे है या करवाकर ग्रीन बेल्ट खत्म की जा रही है। कहीं राजनेता कब्जे करने में लगे है तो कहीं संस्थाएं। चर्चा है कि अधिकारियों को नियमों का पता है, लेकिन मिलीभगत के चलते वह इसे रोकते नहीं है। क्या कमेटी खत्म कर सकेगी कब्जों का नेक्सस एनजीटी द्वारा कार्रवाई करने के लिए डीसी लुधियाना हिमांशु जैन, पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और मिनिस्ट्री ऑफ इन्वायरमेंट की कमेटी तो बना दी गई है। लेकिन अब देखना होगा कि कमेटी कब्जाधारियों और अधिकारियों का यह कब्जों का नेक्सस तोड़ सकेगी या नहीं। ---