चंडीगढ़/यूटर्न/ 16 मार्च।ट्राईसिटी में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की कमी से रेस्टोरेंट, होटल, कैटरर्स और सामाजिक कार्यक्रमों पर असर पड़ने लगा है। कई जगहों पर मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है, जबकि कुछ आयोजनों को टालने की नौबत आ गई है। गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
कैटरर्स का कहना है कि सिलिंडर न मिलने के कारण नई बुकिंग लेने में परेशानी हो रही है। पहले से बुक किए गए कार्यक्रमों में भी कोयले और चूल्हों पर खाना तैयार करना पड़ रहा है। कई आयोजकों को कार्यक्रम आगे बढ़ाने की सलाह दी जा रही है, जबकि कुछ जगहों पर मेहमानों की संख्या भी कम करनी पड़ी है।
रेस्टोरेंट और होटल संचालकों के अनुसार गैस संकट के कारण उनका कारोबार लगभग आधा रह गया है। कई रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू से कुछ आइटम हटा दिए हैं और केवल वही व्यंजन परोसे जा रहे हैं जो तंदूर या कोयले पर तैयार हो सकते हैं। स्ट्रीट फूड वेंडरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर-9 के एक वेंडर राहुल ने बताया कि सिलिंडर न मिलने के कारण उन्होंने खाना बनाना बंद कर दिया है और अब केवल स्टोव पर चाय और परांठा बेच रहे हैं।
गैस सिलिंडरों की कमी के चलते ब्लैक मार्केट भी शुरू हो गई है। कमर्शियल सिलिंडर 1500 से 2000 रुपये तक अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा कोयले की खपत भी बढ़ गई है और कई स्थानों पर डीजल की मांग में भी इजाफा देखा जा रहा है।
इस बीच शहर में स्टोव, इंडक्शन और बिजली से चलने वाले हीटर की मांग बढ़ गई है और इनके दाम भी बढ़ने लगे हैं।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्डा ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलिंडरों की नियमित सप्लाई न होने से रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वहीं चंडीगढ़ कांग्रेस पार्षद प्रेमलता ने प्रशासन से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस की नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि रेस्टोरेंट, होटल और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिल सके।